अरुणाचल प्रदेश की पर्वतारोही कबक यानो को उनके ‘सातवें सम्मिट माउंटेनियरिंग अभियान’ के लिए सोमवार को राजभवन, ईटानगर से राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी पारनाइक (सेनि) ने औपचारिक रूप से रवाना किया गया। इस अवसर पर राज्य के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री केंटो जीनी भी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने कबक यानो को भारत का ध्वज और अरुणाचल प्रदेश का प्रतीक चिन्ह अंकित ‘सेरेमोनियल आइस ऐक्स’ सौंपा और उनके अभियान के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की। राज्यपाल ने इस अवसर को साहस, दृढ़ निश्चय और सीमाओं से परे सपने देखने वाली भावना का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि विश्वभर में बहुत ही कम लोग ऐसे हैं जिन्होंने सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर चढ़ने की चुनौती स्वीकार की है, और कबक यानो का यह निर्णय असाधारण प्रेरणा का प्रतीक है।
राज्यपाल ने कहा, कबक यानो अरुणाचल प्रदेश की जनता का आशीर्वाद, नई पीढ़ी के सपने और राज्य की अडिग, शांतिपूर्ण व अजेय भावना अपने साथ लेकर जा रही हैं। दुनिया को एक अरुणाचली बेटी की ताकत, गरिमा और दृढ़ता का परिचय देना अब उनके हाथ में है। इस अवसर पर, माउंट एवरेस्ट पर सफल चढ़ाई के लिए कबक यानो को राज्यपाल ने विशेष सम्मान ‘लैंड ऑफ राइजिंग सन’ प्लाक प्रदान किया और उन्हें राज्य की प्रेरणास्रोत घोषित किया। राज्य के खेल मंत्री केंटो जीनी ने कहा कि राज्य सरकार खेलों, विशेषकर साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए लागू प्रोत्साहन योजनाओं, खेल नीति और शिक्षा व रोजगार में आरक्षण की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में खेल एवं युवा मामलों के सचिव अबू तायेंग, खेल निदेशक टाडर आपा, कामले ज़िले के वरिष्ठ नागरिक और युवा प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।