हमला जिसने बदल दिया करियर
30 अप्रैल 1993 को जर्मनी के हैम्बर्ग में एक मैच के दौरान टेनिस जगत हिल गया। सेलेस अपने क्वार्टर फाइनल मैच में बल्गारिया की खिलाड़ी मगदालेना मेलिवा के खिलाफ खेल रही थीं। इसी दौरान दर्शक दीर्घा में बैठा एक शख्स कोर्ट के पास आया और सेलेस की पीठ में चाकू से वार कर दिया। यह हमला ग्युन्टर पार्चे नामक व्यक्ति ने किया, जो जर्मनी की स्टार स्टेफी ग्राफ का कट्टर प्रशंसक था। उसकी दीवानगी इतनी खतरनाक थी कि उसने सिर्फ इसलिए हमला किया ताकि सेलेस लंबे समय तक खेल से दूर रहें और ग्राफ फिर से नंबर-एक बन सकें।
कौन था हमलावर?
ग्युन्टर पार्चे बेरोजगार था और मानसिक रूप से अस्थिर माना गया था। सेलेस की पीठ पर हमले के बाद भागने की कोशिश में फैंस ने उसे पकड़ लिया था। फिर पुलिस उसे पकड़ कर ले गई। अदालत ने उसे जेल की बजाय मनोचिकित्सीय उपचार का आदेश दिया। हैरानी की बात यह रही कि उसे लंबी सजा नहीं हुई, जिससे खेल जगत में आक्रोश फैल गया। तब इसका काफी विरोध भी हुआ था।
करियर पर असर
हमले के बाद मोनिका सेलेस ने लगभग दो साल तक टेनिस से दूरी बना ली। जब वह 1995 में कोर्ट पर लौटीं, तब भी उन्होंने 1996 का ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर अपने टैलेंट का सबूत दिया, लेकिन मानसिक और शारीरिक चोटों ने उनका पुराना आत्मविश्वास छीन लिया।
तुलना करें तो सेलेस के खेल से दूर रहने के दौरान स्टेफी ग्राफ ने कई ग्रैंडस्लैम जीतते हुए इतिहास रचा और 22 मेजर खिताबों के साथ अपने करियर का शिखर हासिल किया। वहीं सेलेस का करियर धीरे-धीरे ढलान पर चला गया और 2008 में उन्होंने आधिकारिक तौर पर संन्यास का एलान किया।
मोनिका सेलेस vs स्टेफी ग्राफ (करियर तुलना)
| खिलाड़ी |
ग्रैंडस्लैम खिताब |
ऑस्ट्रेलियन ओपन |
फ्रेंच ओपन |
विंबलडन |
यूएस ओपन |
करियर सिंगल्स खिताब |
वर्ल्ड नं. 1 पर कुल हफ्ते |
| मोनिका सेलेस |
9 |
4 |
3 |
0 |
2 |
53 |
178 |
| स्टेफी ग्राफ |
22 |
4 |
6 |
7 |
5 |
107 |
377 |