खेल मंत्रालय अपनी मिशन ओलंपिक सेल (एमओसी) की बैठक इस बार भुवनेश्वर में आयोजित करेगा। यह बैठक एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप के दौरान 20 जनवरी को होगी। विश्व कप का आयोजन भुवनेश्वर और राउरकेला में 13 से 29 जनवरी के बीच होगा।
यह पहली बार है, जब एमओसी सदस्य अपनी मासिक बैठक दिल्ली के अलावा किसी दूसरे शहर में करेंगे। इससे पहले हर बार यह समिति दिल्ली में बैठक करती रही है और इस बैठक में टॉप एथलीटों (जिनसे ओलंपिक पदक की उम्मीद है) का चयन किया जाता है। इस समिति के सदस्यों में पूर्व एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज, अंजलि भागवत, वीरेन रसकिन्हा, योगेश्वर दत्त, तृप्ति मुरगुंडे और मोनालिसा बरुआ शामिल हैं।
उम्मीद है कि एमओसी के सदस्य 19 जनवरी को वेल्स के खिलाफ भारत का अंतिम पूल मैच भी देखेंगे। भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा जारी एक बयान में अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा, "यह पहली बार होगा जब एमओसी के सदस्य के रूप में हम सभी खिलाड़ियों को मैदान पर देखेंगे। इससे हमें उनके प्रदर्शन को प्रत्यक्ष रूप से देखने और साथ ही उनकी यात्रा का हिस्सा बनने का मौका मिलता है।"
क्या है एमओसी?
एमओसी एक ऐसी समिति है, जिसमें भारत के कई शीर्ष पूर्व एथलीट शामिल हैं। यह समिति उन खिलाड़ियों का चयन करती है, जो ओलंपिक में देश के लिए पदक ला सकते हैं। इन खिलाड़ियों को पोडियम स्कीम के जरिए समर्थन दिया जाता है। सरकार इन खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और तैयारी में लगने वाला बाकी खर्च वहन करती है। सरकार कई एथलीट को इस स्कीम के जरिए आगे बढ़ा रही है।
भारत को लगातार दूसरी बार हॉकी विश्व कप की मेजबानी मिली है। इससे पहले 2018 में भी हॉकी विश्व कप का आयोजन भुवनेश्वर में ही हुआ था। इस बार भुवनेश्वर के अलावा राउरकेला में भी हॉकी विश्व कप के मैच खेले जाएंगे। उड़ीसा सरकार ने एलान किया है कि अगर भारतीय टीम हॉकी विश्व कप जीतती है तो हर खिलाड़ी को एक करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा।