फेयरटेक्स ‘मॉय थाई’ की पूर्व विश्व चैंपियन भी हैं। ‘मॉय थाई’ भी मार्शल आर्ट का एक रूप है जिसकी उत्पत्ति थाईलैंड में हुई थी। इसे ‘आठ अंगों की कला’ कहा जाता है।
भारत की पूर्व पहलवान रितु फोगाट तीन दिसंबर को ‘वन विमेंस एटम वेट (48 किग्रा वर्ग) वर्ल्ड ग्रां प्री चैंपियनशिप (मिक्स्ड मार्शल आर्ट) फाइनल’ में किक-बॉक्सिंग विश्व चैंपियन थाईलैंड की स्टैंप फेयरटेक्स से भिड़ेंगी।
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फेयरटेक्स ‘मॉय थाई’ की पूर्व विश्व चैंपियन भी हैं। ‘मॉय थाई’ भी मार्शल आर्ट का एक रूप है जिसकी उत्पत्ति थाईलैंड में हुई थी। इसे ‘आठ अंगों की कला’ कहा जाता है। विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज रितु ने कहा कि वह सिंगापुर इंडोर स्टेडियम में 48 किग्रा वर्ग के अपने आगामी मुकाबले की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।
रितु ने कहा, ‘ भारत से अब तक कोई महिला एमएमए चैंपियन नहीं बनी है और अब मेरे पास इस स्थिति को बदलने और वैश्विक मंच पर भारतीय महिला को पहचान दिलाने का मौका है। मैं भारत को गौरवान्वित करने की पूरी कोशिश करूंगा।’’