राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेल और खिलाड़ियों के विकास की जबरदस्त संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पारंपरिक रूप से एक मजबूत खेल संस्कृति है। विविधता हमारे देश की सुंदरता है और हमें इसका उपयोग खेल क्षेत्र में भारत की वैश्विक छवि को और बढ़ावा देने के लिए करना चाहिए। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं का समर्थन करने और उन्हें पेशेवर खिलाड़ी बनने के लिए तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह बात तुरा में मेघालय गेम्स के 5वें संस्करण का उद्घाटन करने के बाद खिलाडि़यों को संबोधित करते हुए कही। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि मेघालय गेम्स जैसे आयोजन एथलीटों को उत्कृष्टता के लिए प्रोत्साहित करेंगे, प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देंगे और एक जीवंत खेल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेल और खिलाड़ियों के विकास की जबरदस्त संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पारंपरिक रूप से एक मजबूत खेल संस्कृति है। राष्ट्रपति ने कहा कि विविधता हमारे देश की सुंदरता है और हमें इसका उपयोग खेल क्षेत्र में भारत की वैश्विक छवि को और बढ़ावा देने के लिए करना चाहिए। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं का समर्थन करने और उन्हें पेशेवर खिलाड़ी बनने के लिए तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राष्ट्रपति प्रसन्नता जताई कि उत्तर पूर्व का समाज महिलाओं को खेलने और खेल को एक पेशे के रूप में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्व क्षेत्र ने कई महान महिला एथलीट पैदा की हैं। उन्होंने इस क्षेत्र में साहसिक खेलों और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को भी रेखांकित किया और प्राथमिकता के आधार पर इसका पता लगाने और इसका लाभ उठाने की आवश्यकता बताई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
- फोटो : अमर उजाला।
राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत की खेल संस्कृति काफी विकसित हुई है। सरकार की नई पहलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के साथ, भारतीय खिलाड़ी अब वैश्विक प्रतियोगिताओं में पहले से कहीं अधिक पदक जीत रहे हैं। खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रम भविष्य के खेल चैंपियनों की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय खेल और अन्य आयोजनों की मेजबानी करने की अपनी क्षमता का भी प्रदर्शन किया है।
राष्ट्रपति ने बच्चों और युवाओं से कम से कम एक खेल सीखने और खेल गतिविधियों में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वे खेल को करियर के रूप में अपनाएं या न अपनाएं, लेकिन एक साथ खेलने से वे शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहने के अलावा उनके व्यक्तित्व में टीम भावना और प्रतिस्पर्धात्मकता पैदा करेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में इन खेलों को आयोजित करने का सरकार का निर्णय एक स्वागत योग्य कदम है और इससे जनता के बीच ऐसे आयोजनों की व्यापक पहुंच सुनिश्चित होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मेघालय गेम्स जैसे आयोजन एथलीटों को उत्कृष्टता के लिए प्रोत्साहित करेंगे, प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देंगे और एक जीवंत खेल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेंगे।