डोप टेस्ट के डर से खिलाड़ियों के भागने का एक और मामला सामने आया है। लेकिन इस बार यह हिमाकत न सिर्फ कंपटीशन के दौरान हुई है बल्कि इन्हें जूनियर खिलाड़ियों ने अंजाम दिया है।
चंडीगढ़ में रविवार को समाप्त हुई जूनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में छह पहलवान पदक जीतने के बाद नाडा की टीम को सैंपल देने के लिए नहीं पहुंचे।
यही नहीं, नाडा की टीम ने जब इनकी तलाश की तो वे आयोजन स्थल से निकल गए। भारतीय कुश्ती संघ ने इन पहलवानों की इस हरकत पर उनके जीते गए पदक वापस लेने का फैसला लिया है। साथ ही मामले पर अगली कार्रवाई के लिए जांच बिठा दी है।
कुश्ती संघ के सेक्रेटरी जनरल राज सिंह के अनुसार नाडा को इस चैंपियनशिप में डोप सैंपल लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। नियमों के अनुसार पदक विजेताओं को कंपटीशन के तुरंत बाद डोप सैंपल देना होता है। लेकिन छह पदक विजेताओं को जब सैंपल के लिए बुलाया गया तो वे वहां नहीं मिले।
भागने वाले पहलवानों में 84 किलो में मध्य प्रदेश के राहुल पाल, हरियाणा के अनूप व मंजीत, 74 किलो में दिल्ली के अमित, 60 किलो में चंडीगढ़ के संदीप, 120 किलो में चंडीगढ़ के सुनील कुमार के नाम शामिल हैं।