भारतीय खेल इतिहास की महानतम खिलाड़ियों में शुमार मैरी कॉम ने हाल ही में अपने जीवन के बेहद दर्दनाक अध्याय को सार्वजनिक किया। छह बार की विश्व चैंपियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मैरी कॉम ने खुलकर बताया कि कैसे तलाक, आर्थिक धोखे और मानसिक टूटन वाले इस दौर ने उन्हें अंदर तक हिला दिया। लगातार मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर फैल रही “बदनामी” ने उन्हें चुप्पी तोड़ने पर मजबूर किया।
सफलताओं के बीच एक दर्दनाक सवाल
नई दिल्ली में समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में मैरी कॉम ने भारी मन से कहा, 'मेरी इतनी उपलब्धियों का क्या मतलब? क्या फायदा? मैं टूट चुकी हूं, लेकिन शोक मनाने का समय भी नहीं मिला।' बॉक्सिंग की दुनिया में सबसे ऊंचे मुकाम पर पहुंची इस 43 वर्षीय खिलाड़ी ने बताया कि पिछले दो वर्षों में उनके निजी जीवन में ऐसे घटनाक्रम हुए जिन्हें वे नरक जैसी स्थिति और सबसे अंधेरा दौर बताती हैं।
तलाक, आर्थिक संकट और भावनात्मक गिरावट
मैरी कॉम और उनके पति के. ओनलर का संबंध लगभग दो दशक तक चला। दोनों की जोड़ी मणिपुर की खेल दुनिया का एक प्रेरणादायी उदाहरण मानी जाती थी। लेकिन 2023 में उनका तलाक सामने आने के बाद परिवार और करीबी सर्कल में स्तब्धता फैल गई। मैरी कॉम बताती हैं कि उनकी शादी टूटने की नींव 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले लगी चोट के दौरान पड़ी। वह कई महीनों तक बिस्तर पर रहीं, फिर वॉकर का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान उन्होंने वित्तीय वास्तविकता और विश्वासघात का सामना किया। उन्होंने कहा, 'मैंने सबसे ज्यादा भरोसा जिस इंसान पर किया, वही वैसा नहीं निकला जैसा मैंने समझा था।'
आर्थिक धोखे के गंभीर आरोप
मैरी कॉम ने आरोप लगाया कि उनके पति ने उनके नाम की संपत्तियों को अपनी तरफ मोड़ा, कर्ज लिया और भूमि को गिरवी रखा।
- संपत्ति उनके नाम से हटाई गई।
- कर्ज लेने के लिए जमीन का इस्तेमाल किया गया।
- स्थानीय लोगों ने वसूली के लिए जमीन कब्जाई।
उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में उन्हें करोड़ों का नुकसान हुआ। बताया जाता है कि मणिपुर के चुराचांदपुर इलाके में स्थानीय स्तर पर उधारी के पैसे वसूलने के लिए अंडरग्राउंड ग्रुप्स तक सक्रिय हो गए। उधर जब ओनलर से स्पष्टीकरण मांगा गया तो उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि उनका किसी तरह के गलत काम से कोई संबंध नहीं है।
सोशल मीडिया ट्रायल और चरित्र पर हमले
मैरी कॉम सामाजिक स्लैंडर से सबसे ज्यादा आहत दिखाई दीं। उन्होंने कहा कि जब वह चुप रहीं तो उनकी चुप्पी को कमजोरी समझ लिया गया।
- उन्हें लालची कहा गया।
- चुनाव लड़ने के लिए पति को मजबूर करने का झूठ फैलाया गया।
- निजी बातें टैब्लॉयड को लीक की गईं।
- चरित्र पर सवाल उठाए गए।
उन्होंने कहा, 'मैंने इन सबका जवाब नहीं दिया क्योंकि मैं अपने बच्चों और परिवार को तमाशे में नहीं बदलना चाहती थी। लेकिन अब हद हो चुकी है।'
चार बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी
मैरी कॉम के चार बच्चे हैं, तीन बेटे (जिनमें जुड़वां शामिल) और एक बेटी। साथ ही उनके माता-पिता भी उन पर निर्भर हैं। यही जिम्मेदारी उन्हें टूटने नहीं देती। उन्होंने आगे कहा, 'मैं शोक भी नहीं मना सकती। बच्चों का क्या? घर का क्या? यही सोचकर खुद को संभालना पड़ता है।' अपने दर्द के बावजूद उन्होंने कहा कि वे पुलिस में कोई शिकायत नहीं करेंगी। उन्होंने आगे कहा, 'बस मुझे अकेला छोड़ दो, बदनाम करना बंद करो।'
वापसी का सफर: स्ट्रगल, एंडोर्समेंट और नई शुरुआत
तलाक और आर्थिक झटकों के बाद अब वे फिर से खड़ी हो रही हैं। फरीदाबाद में रहने वाली यह दिग्गज खिलाड़ी अब एंडोर्समेंट, कमर्शियल अपीयरेंस, स्पोर्ट्स इवेंट के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं। साथ ही वे भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के एथलीट्स कमीशन की अध्यक्ष भी हैं।
मैरी कॉम: कहानी अभी खत्म नहीं
मैरी कॉम की कहानी पहले भी प्रेरक रही है। 2010 में मातृत्व अवकाश के बाद वापसी करके उन्होंने विश्व खिताब जीता, 2012 में ओलंपिक कांस्य जीता, और उनकी बायोपिक बनी। लेकिन आज उनकी असल जिंदगी किसी फिल्म से ज्यादा नाटकीय हो गई है। उन्होंने कहा, 'मेरी जिंदगी एक लंबी बॉक्सिंग बाउट जैसी है। अभी लड़ाई बाकी है। भगवान हैं, वही ताकत देंगे।'