भारतीय निशानेबाजी जगत के लिए शुक्रवार का दिन बेहद दुखद रहा। दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का हृदय संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया। उनके निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, उनकी शिष्या और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर भी इस दुखद समाचार से गहरे सदमे में हैं। मनु भाकर की मां सुमेधा भाकर ने बताया कि इस समय मनु अपने कोच के निधन से बेहद आहत हैं और किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नहीं हैं। सुमेधा ने कहा, 'अभी मनु के लिए कुछ भी कहना संभव नहीं है। वह इस समय ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि कोई प्रतिक्रिया दे सकें।'
मनु भाकर और जसपाल राणा
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देहरादून में हैं मनु और उनकी मां
सुमेधा ने बताया कि वह और मनु दोनों इस समय देहरादून में हैं। हाल ही में मनु ने विश्व कप के लिए ट्रायल पूरे किए हैं और राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर भी देहरादून में ही चल रहा है। उन्होंने कहा, 'हम दोनों देहरादून में हैं। मनु ने अभी विश्व कप के ट्रायल पूरे किए हैं और राष्ट्रीय शिविर भी यहां आयोजित किया जा रहा है। सर (जसपाल राणा) के पार्थिव शरीर को भी उत्तराखंड लाया जा रहा है, क्योंकि यह उनकी जन्मभूमि है।'
जसपाल राणा
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अंतिम दर्शन के लिए देहरादून लाया जा रहा पार्थिव शरीर
सुमेधा ने बताया कि जसपाल राणा के पार्थिव शरीर को देहरादून स्थित उनके आवास और शूटिंग रेंज पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, ताकि परिवार, खिलाड़ी और आम लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। उन्होंने कहा, 'हम दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन हमें देहरादून में ही रुकने के लिए कहा गया। सर का पार्थिव शरीर जल्द ही यहां पहुंचने वाला है और मनु भी वहां मौजूद रहेंगी। उनके पार्थिव शरीर को उनकी शूटिंग रेंज में रखा जाएगा।'
मनु भाकर और जसपाल राणा
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मनु भाकर की सफलता में अहम भूमिका
जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। खिलाड़ी के रूप में देश का नाम रोशन करने के बाद उन्होंने कोचिंग में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने कई युवा निशानेबाजों को तराशा, जिनमें मनु भाकर भी शामिल हैं। राणा के मार्गदर्शन में मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। उनके निधन से भारतीय खेल जगत ने एक महान खिलाड़ी, मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत को खो दिया है।