एशियन गेम्स में पदक नहीं जीत पाने के बावजूद मनु भाकर ने खुद को संभाले रखा था, लेकिन जैसे ही जसपाल राणा का नाम सामने आया, वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाईं और उन्हें उस दिग्गज से मिली करियर और जिंदगी से जुड़ी सीखें याद आ गईं। महान निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का कुछ महीने पहले दिल की बीमारी से निधन हो गया था।
महिला 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहीं मनु
मनु एशियाई खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में बुधवार को पांचवें स्थान पर रहीं। पिछले कुछ महीने उनके लिए कठिन थे जिसमें उन्होंने अपने कोच राणा को खोया। पदक से चूकने के बाद राणा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, अगर बीता पूरा सफर याद करूं तो आप एक या दो चीजें याद नहीं रखते। वह सदैव आपकी यादों में रहते हैं। जब कोई व्यक्ति आपके जीवन का अहम हिस्सा हो तो आप भुला नहीं सकते।
राणा के कोच रहते मनु ने जीते थे पदक
राणा के कोच रहते मनु ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीते थे। तीन एशियन गेम्स में चार स्वर्ण समेत आठ पदक जीत चुके राणा ने दोहा में 2006 में हुए खेलों में तीन स्वर्ण जीते थे। राणा से मिली सबसे बड़ी सलाह के बारे में पूछने पर मनु ने कहा, वह हमेशा प्रक्रिया को लेकर बहुत दृढ थे कि आप किसी भी दिन, जिंदगी के किसी भी मोड़ पर, जब भी निशानेबाजी करें, तो आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें और प्रक्रिया का अनुसरण करें।