सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों का शानदार प्रदर्शन जारी है। मनीषा भानवाला ने 59 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए रजत पदक पक्का कर लिया है। वहीं, तनु शर्मा ने 72 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। इससे पहले बुधवार को काजल धोचक और नीलम सिरोही ने भी फाइनल में पहुंचकर रजत पदक जीते थे।
मनीषा की फाइनल में एंट्री, गोल्ड पर नजर
कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में मनीषा भानवाला ने मंगोलिया की बोलोरतुया खुरेलखु को हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। इस जीत के साथ उन्होंने कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर लिया है। अब शुक्रवार को स्वर्ण पदक के लिए उनका सामना अमेरिका की एबिगेल एलिजाबेथ नेटे से होगा। मनीषा ने टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत की थी। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में कनाडा की लॉरेंस ब्यूरगार्ड को 6-2 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। इसके बाद भी उन्होंने अपना दमदार प्रदर्शन जारी रखा और फाइनल तक का सफर तय किया।
तनु शर्मा ने कांस्य पदक पर जमाया कब्जा
72 किलोग्राम भार वर्ग में तनु शर्मा ने तीसरे स्थान के मुकाबले में अमेरिका की प्रीशियस रोसन्ना बेल को 9-5 से हराकर कांस्य पदक जीता। तनु ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर भारतीय दल के पदकों की संख्या में इजाफा किया।
अहिल्या शिंदे क्वार्टर फाइनल में हारीं
55 किलोग्राम भार वर्ग में अहिल्या शिंदे का अभियान क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया। उन्होंने राउंड ऑफ 16 में क्यूबा की यानेलिस सानज वर्डेसिया को 8-1 से हराकर शानदार शुरुआत की थी। हालांकि, क्वार्टर फाइनल में उन्हें तुर्किये की तुबा डेमिर के खिलाफ 6-9 से हार का सामना करना पड़ा।
विक्की हुडा को रेपेचेज में मिला मौका
पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती के 97 किलोग्राम भार वर्ग में विक्की हुडा की पदक की उम्मीदें अभी बरकरार हैं। उन्हें क्वार्टर फाइनल में जापान के अराश योशिदा के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 2-12 से हार झेलनी पड़ी। हालांकि, योशिदा के फाइनल में पहुंचने के कारण विक्की को रेपेचेज दौर में खेलने का मौका मिला है। इस दौर में जीत दर्ज कर वह पदक की दौड़ में बने रह सकते हैं। वहीं, 65 किलोग्राम भार वर्ग में सुजीत कलकल का सफर समाप्त हो गया।
काजल और नीलम ने बुधवार को जीते थे सिल्वर
इससे पहले बुधवार को भारतीय पहलवान काजल धोचक और नीलम सिरोही ने अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में हार के बाद रजत पदक जीते थे। दोनों महिला पहलवानों ने पहली बार एक ही संस्करण में फाइनल तक पहुंचकर भारतीय कुश्ती में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की। 76 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में 18 वर्षीय काजल का सामना यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पयेयेवा से हुआ। दो अंडर-20 विश्व खिताब जीतने के बाद सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदार्पण कर रहीं काजल ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन करीबी मुकाबले में उन्हें 6-8 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, 50 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में 26 वर्षीय नीलम सिरोही को जापान की चार बार की विश्व चैंपियन युई सुसाकी ने 5-0 से हराया। इस तरह नीलम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
काजल ने पिछड़ने के बाद की शानदार वापसी
काजल ने फाइनल तक पहुंचने के दौरान शानदार जुझारूपन दिखाया। सेमीफाइनल में वह किर्गिस्तान की ऐपेरी मेदेत काइजी के खिलाफ 1-7 से पिछड़ रही थीं, लेकिन उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए मुकाबला 10-7 से जीत लिया। दूसरी ओर, नीलम ने भी पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की जेनेप बायानोवा को 7-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। गौरतलब है कि 2021 में अंशू मलिक विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं। अब काजल और नीलम की उपलब्धि ने भारतीय महिला कुश्ती के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। मनीषा भानवाला के फाइनल में पहुंचने से भारत की स्वर्ण पदक की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।