दिल्ली हाईकोर्ट ने खेल मंत्रालय के स्पोर्ट्स डेवलपमेंट कोड के अनुसार इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के चुनाव कराने के आदेश जरूर दे दिए हैं। लेकिन देश के दो बड़े खेल नेता मंत्रालय के दिशा निर्देशों के विपरीत फिर चुनावी मैदान में ताल ठोकने की तैयारी कर चुके हैं। इंडियन बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष पद के लिए अभय चौटाला और आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पद के लिए इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। वहीं खेल मंत्रालय ने दोनों ही संघों को साफ कर दिया है कि चुनाव उनके दिशा निर्देशों के विपरीत हुए तो मान्यता नहीं दी जाएगी।
आईबीएफ के 23 सितंबर को पटियाला में और एएआई के 29 सितंबर को दिल्ली में चुनाव में होने हैं। मल्होत्रा और चौटाला के अलावा चुनाव में मुरलीधरन राजा की प्रतिष्ठा दांव पर है। चौटाला जहां अध्यक्ष पद पर तीन और राजा सेक्रेटरी जनरल पर तीन टर्म पूरे कर चुके हैं। वहीं मल्होत्रा पिछले 34 सालों से इस पद पर हैं। खास बात यह है कि दोनों ही संघों ने अब तक चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर तक की घोषणा नहीं की है। चौटाला को जहां पश्चिम बंगाल के असित बनर्जी टक्कर दे रहे हैं। वहीं मल्होत्रा के खिलाफ भी उत्तर-पूर्वी राज्य के किसी दिग्गज को उतारने की तैयारी है। दोनों ही संघों में सही चुनावी प्रक्रिया नहीं अपनाए जाने पर विरोधी धड़ों में रोष व्याप्त है।
सूत्र बताते हैं कि मल्होत्रा ने मंत्रालय की गाइडलाइंस की मुखालफत करने की पूरी तैयारी कर ली है। उनके सेक्रेटरी जनरल परेश मुखर्जी इस पद से इस्तीफा दे चुके हैं। उनके स्थान पर मल्होत्रा अपने खास को उतारने जा रहे हैं। वहीं चौटाला ने मंत्रालय से गाइडलाइंस के विपरीत चुनाव कराने की अनुमति मांगी है। लेकिन मंत्रालय ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। बृहस्पतिवार को कोर्ट का आदेश आने के बाद चर्चा यहां तक है कि चौटाला को प्रमुख पद देकर मुरलीधरन को अध्यक्ष पद पर बिठा दिया जाए। इससे मंत्रालय की गाइडलाइंस का पालन भी हो जाए और सत्ता भी बनी रही। दरअसल चौटाला अगले माह होने वाले आईओए के चुनाव के अनुसार गोटियां बिठाने के मूड में हैं।