बच्चों में आर्मी ज्वाइन करने का जज्बा जगा रहे ‘धोनी सर’ की क्लास सोमवार को कड़े अनुशासन में रहने वाले एनसीसी कैडेट्स के बीच लगी। कैप्टन कूल ने जोश से भरे कैडेट्स को आर्मी ऑफिसर बनने का रास्ता बताया।
कभी खुद एनसीसी कैडेट रहे एमएस ने सलाह दी, अपने लक्ष्य पर बाज की तरह नजर रखो, जो भी चीज ध्यान भटकाए उससे दूर रहो, फिर चाहे वो मोबाइल फोन हो या टीवी।
माल रोड पर स्थित एनसीसी के एयर विंग ऑफिस में सेना की जिप्सी से पहुंचे ऑनरेरी लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी कैडेट्स के बीच लगभग 40मिनट रहे। इस बीच उनसे ढेर सारीं बातें कीं, उनके साथ ग्रुप फोटो खिंचवाए और क्रिकेट बैट पर ऑटोग्राफ दिए।
लेकिन उनका सबसे ज्यादा जोर रहा कैडेट्स को आर्मी के लिए तैयार करने पर। संक्षिप्त भाषण में उन्होंने कहा, ‘एनसीसी बिल्कुल सही प्लेटफार्म है, यहां से आने वाले समय में आर्मी और एयरफोर्स को ऑफिसर्स मिलने चाहिए, सेना में जाना ही हमारा मकसद होना चाहिए।
'मैंने हवाई जहाज का मॉडल भी बनाया था'
महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि मैं खुद एनसीसी कैडेट रहा हूं, मुझे सी सर्टिफिकेट भी मिला, मैंने हवाई जहाज का मॉडल भी बनाया था। आप मेहनत कीजिए, परिणाम की मत सोचिए, चुनौतियों को अवसर में बदलना सीखिए। मैं क्रिकेट खेलता हूं, 12 साल सेदेश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं, लेकिन आप आर्मी यूनिफार्म पहनकर 20-25 साल तक देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
माही ने हर तरह के नशे से दूर रहने की सलाह दी। कहा, नशे से देश में बहुत सारी दिक्कतें हो रही हैं। गौरतलब है कि पैराजंपिंग सीखने के लिए चार अगस्त को आगरा आए धोनी रोजाना एक न एक स्कूल में जाकर बच्चों को सेना में जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। एनसीसी कैडेट्स ने धोनी को हवाई जहाज का मॉडल उड़ाकर दिखाया। यह देख धोनी बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने इसकी तारीफ भी की।
'बेहद अनुशासित कैडेट था'
1- कैडेट अनूप पांडे ने माही से पूछा, सर जीवन में आगे बढ़ने के लिए क्या करना होगा?
:: जवाब-लक्ष्य के प्रति समर्पित बनो, ध्यान भटकाने वाले हर चीज से दूर रहो।
2- कैडेट अनूप शर्मा ने पूछा, आपका कैडेट के रूप में अनुभव कैसा रहा?
:: जवाब-मैंने हवाई जहाज का मॉडल बनाया था, बेहद अनुशासित कैडेट था।
3- कैडेट दुष्यंत ने धोनी से एनसीसी ज्वाइन करने के फायदे पूछे?
:: जवाब-भगवान, इंसान बनाते हैं, एनसीसी इंसान को जेंटलमैन बनना सिखाती है।
4- कैडेट वैष्णवी गुप्ता ने पूछा, एनसीसी हमें आगे बढ़ने में कैसे मदद करती है?
:: जवाब-आप कैडेट के रूप में जो अनुशासन सीख रही हैं, उसे सेना में जाकर अमल में लाना है।