भारत के अनुभवी शटलर लक्ष्य सेन ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में हार गए हैं। पुरुष एकल वर्ग के खिताबी मुकाबले में लक्ष्य को चीनी ताइपे के लिन चुन-यी के खिलाफ 15-21, 20-22 से हार का सामना करना पड़ा। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह मुकाबला बर्मिंघम में खेला गया। लक्ष्य सेन के पास न केवल खिताब जीतने बल्कि जनवरी में लिन चुन-यी से मिली हार का बदला लेने का भी सुनहरा मौका था, लेकिन वह इससे चूक गए। इससे पहले सेन को इंडिया ओपन के क्वार्टरफाइनल में लिन चुन-यी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
सेमीफाइनल में दिखाया जबरदस्त जज्बा
लक्ष्य सेन ने सेमीफाइनल में कनाडा के विक्टर लाई को 1 घंटे 37 मिनट तक चले कड़े मुकाबले में 21-16, 18-21, 21-15 से हराया था। मैच के बाद लक्ष्य सेन ने कहा था कि उन्होंने सिर्फ हर पॉइंट पर ध्यान दिया। तीसरे गेम की शुरुआत में उनके पैरों में ऐंठन भी महसूस हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार संघर्ष करते रहे।
दूसरी बार ऑल इंग्लैंड के फाइनल में पहुंचे थे लक्ष्य
यह लक्ष्य सेन का दूसरा ऑल इंग्लैंड ओपन फाइनल था, जिसमें वह हार गए। इससे पहले 2022 में वह फाइनल तक पहुंचे थे, जहां उन्हें विक्टर एक्सलसेन से हार का सामना करना पड़ा था।
भारत के लिए था खास मौका
भारत की ओर से इससे पहले प्रकाश पादुकोड़ ने 1980 में खिताब जीता था। पुलेला गोपीचंद ने 2001 में यह उपलब्धि हासिल की थी। इसके अलावा साइना नेहवाल भी 2015 में फाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन खिताब नहीं जीत सकीं। अगर लक्ष्य सेन आज खिताब जीतते तो ऑल इंग्लैंड का खिताब जीतने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी होते।