भारतीय निशानेबाज मंगलवार से शुरू हो रहे चौथे और अंतिम आईएसएसएफ विश्व कप (राइफल और पिस्टल) में पदक जीतने के इरादे से उतरेंगे। 24 सदस्यीय दल की अगुवाई ओलंपियन राइफल शूटर रमिता जिंदल और दिव्यांश सिंह पंवार करेंगे।
एशियाई चैंपियनशिप में भारत ने 31 पदक जीते
हाल ही में कजाखस्तान के शेमकेंट में हुई एशियाई चैंपियनशिप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 31 पदक जीते थे। इनमें 14 स्वर्ण, आठ रजत और नौ कांस्य शामिल रहे। भारत पदक तालिका में चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहा। इसी दमदार प्रदर्शन ने विश्व कप में भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर नतीजों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
शेंग लिहाओ से रहना होगा सावधान
इस बार प्रतिस्पर्धा और भी कड़ी होगी क्योंकि चीन की टीम में कई ओलंपिक चैंपियन मौजूद हैं। खास तौर पर 10 मीटर एयर राइफल के विश्व रिकॉर्ड धारक और पेरिस ओलंपिक चैंपियन शेंग लिहाओ भी मेजबान टीम का हिस्सा हैं। विश्व कप में 42 देशों के 320 से ज्यादा निशानेबाज 10 स्पर्धाओं में पदक के लिए भिड़ेंगे। यह प्रतियोगिता नवंबर में काहिरा में होने वाली विश्व चैंपियनशिप और दिसंबर में दोहा में होने वाले विश्व कप फाइनल्स से पहले एक अहम परीक्षा साबित होगी।
इन्हें मिला मौका
भारतीय दल ने मिश्रित टीम स्पर्धाओं में भी नई जोड़ियां उतारने का फैसला किया है। रमिता जिंदल और उमामहेश मडेनिनी 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा में उतरेंगे। दिव्यांश सिंह पंवार और मेघना सज्जनार दूसरी मिश्रित जोड़ी होंगे। एयर पिस्टल स्पर्धा में रिदम सांगवान और निशांत रावत, जबकि सुरभि राव और अमित शर्मा भारत की ओर से चुनौती पेश करेंगे। भारतीय दल का लक्ष्य न केवल पदक जीतना होगा, बल्कि आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए अपनी तैयारियों को और मजबूत करना भी रहेगा।