भारत ने जर्मनी के सुहल में आयोजित हो रही आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। भारतीय निशानेबाजों ने प्रतियोगिता के 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित (मिक्सड) टीम जूनियर इवेंट में रजत पदक अपने नाम किया। इस नए पदक के जुड़ने के साथ ही चैंपियनशिप में भारत के कुल पदकों की संख्या 16 हो गई है और भारतीय टीम पदक तालिका में पहले स्थान पर मजबूती से काबिज है।
वंशिका और शिवा की जोड़ी का कमाल
प्रतियोगिता में वंशिका चौधरी और शिवा नरवाल की भारतीय जोड़ी ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए देश को रजत पदक दिलाया। इस पदक की बदौलत भारत के कुल पदकों की संख्या अब 16 (5 स्वर्ण, 4 रजत और 7 कांस्य) पर पहुंच गई है। आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित टीम इवेंट्स में अपने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम अंक तालिका में नंबर-1 के स्थान पर बरकरार है।
शिवा नरवाल ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी साधा निशाना
इससे पहले बीते मंगलवार को, शिवा नरवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल मेन जूनियर व्यक्तिगत इवेंट में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए रजत पदक जीता था। इसी स्पर्धा में भारत के युग प्रताप सिंह राठौर ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया था।
पुरुष टीम ने भी जीता रजत पदक
भारतीय निशानेबाजों का जलवा यहीं नहीं रुका, भारत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मेन जूनियर टीम इवेंट में भी एक और रजत पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा में शिवा नरवाल, संदीप बिश्नोई और चिराग शर्मा की तिकड़ी ने मिलकर शानदार प्रदर्शन किया और पोडियम पर फिनिश करने में कामयाबी हासिल की।
प्रीतम केंद्रे ने देश को दिलाया पांचवां स्वर्ण
भारतीय अभियान को चैंपियनशिप में तब एक बड़ी कामयाबी और मजबूती मिली, जब प्रीतम केंद्रे ने 10 मीटर एयर राइफल मेन जूनियर इवेंट में अचूक निशाना साधते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। प्रीतम के इस शानदार प्रदर्शन से देश को इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप का पांचवां स्वर्ण पदक हासिल हुआ।
महिला टीम को मिला कांस्य पदक
इसके अतिरिक्त, भारत ने 25 मीटर पिस्टल विमेन जूनियर टीम इवेंट में भी सफलता का स्वाद चखा। यहां अंजलि महेंद्र भागवत, परिशा गुप्ता और निथिला आइवी डार्लिंग प्रवीण क्रिस्टोफर की तिकड़ी की मदद से भारतीय टीम ने कांस्य पदक हासिल करने में सफलता पाई।
आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के व्यक्तिगत और टीम इवेंट्स में भारतीय खिलाड़ियों का यह लगातार शानदार और निरंतर प्रदर्शन वैश्विक स्तर पर निशानेबाजी (शूटिंग) में देश के बढ़ते दबदबे को साफ तौर पर प्रदर्शित करता है।