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ISL 2026: आईएसएल से बाहर हुई डायमंड हार्बर एफसी, अब 13 टीमों के साथ होगा नया सीजन; कब होगी शुरुआत?

Wed, 19 Aug 2026 11:06 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईएसएल का आगामी सीजन अब सितंबर की बजाय अक्तूबर में शुरू होगा और 13 टीमों के साथ खेला जाएगा। डायमंड हार्बर एफसी तय समयसीमा तक 55 लाख रुपये की दूसरी किस्त जमा नहीं कर सकी, जिसके बाद उसे लीग से बाहर होना पड़ा।
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फुटबॉल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के आगामी सीजन के कार्यक्रम में बदलाव तय माना जा रहा है। पहले चार सितंबर से शुरू होने वाली लीग अब एक महीने से ज्यादा समय की देरी के बाद अक्तूबर में शुरू होगी। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के एक शीर्ष अधिकारी के मुताबिक, फीफा की इंटरनेशनल मैच विंडो के बाद ही आईएसएल का आयोजन शुरू किया जाएगा। यह विंडो 21 सितंबर से छह अक्तूबर तक चलेगी।
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13 टीमें लेंगी हिस्सा
इसके साथ ही आगामी सीजन में आईएसएल में 14 की बजाय 13 टीमें हिस्सा लेंगी। इंडियन फुटबॉल लीग 2025-26 की चैंपियन डायमंड हार्बर एफसी बुधवार की तय समयसीमा तक 55 लाख रुपये की दूसरी किस्त की भागीदारी फीस जमा नहीं कर सकी। इसके बाद टीम का आईएसएल में खेलना मुश्किल हो गया है। एआईएफएफ के एक शीर्ष अधिकारी ने पीटीआई से कहा, 'आईएसएल के अक्तूबर में फीफा विंडो के बाद शुरू होने की संभावना है।' अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी सीजन में 13 टीमों के साथ लीग आयोजित की जाएगी।

डायमंड हार्बर एफसी नहीं कर सकी दूसरी किस्त का भुगतान
डायमंड हार्बर एफसी को 2025-26 इंडियन फुटबॉल लीग का खिताब जीतने के बाद आईएसएल में प्रमोशन मिला था। सभी 14 टीमों को कुल 1.1 करोड़ रुपये की भागीदारी फीस देनी थी। इसकी दूसरी किस्त के रूप में 55 लाख रुपये जमा करने की अंतिम तारीख 14 अगस्त थी। हालांकि, डायमंड हार्बर को यह भुगतान करने के लिए बुधवार तक अतिरिक्त समय दिया गया था। निर्धारित समयसीमा तक भुगतान नहीं होने के कारण अब लीग 13 टीमों के साथ आगे बढ़ेगी।

चर्चिल ब्रदर्स ने जमा की पूरी फीस
  • गोवा की चर्चिल ब्रदर्स ने आगामी आईएसएल सीजन में हिस्सा लेने के लिए 14 अगस्त को पूरी 1.1 करोड़ रुपये की भागीदारी फीस जमा कर दी थी। चर्चिल ब्रदर्स ने जमशेदपुर एफसी की पूरी हिस्सेदारी खरीदने के बाद लीग में जगह बनाई है।
  • जमशेदपुर एफसी ने 31 जुलाई को आईएसएल से बाहर होने का फैसला किया था। क्लब ने उसी दिन अपनी पहली टीम को भी भंग कर दिया था। यह फैसला 55 लाख रुपये की भागीदारी फीस की पहली किस्त जमा करने की समयसीमा खत्म होने के कुछ घंटे बाद आया था।

एआईएफएफ ने वित्तीय दावों को बताया 'असत्यापित'
इस बीच, एआईएफएफ ने अपनी वित्तीय स्थिति और फंड के इस्तेमाल को लेकर सामने आए दावों पर भी प्रतिक्रिया दी है। महासंघ ने उन दावों को खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि 2026 फीफा एसियन कप में हिस्सा नहीं लेने के फैसले के कारण एआईएफएफ पर पहले से तय वित्तीय जुर्माना या भारी पेनल्टी लगाई गई है। एआईएफएफ ने एक बयान में कहा कि उसकी वित्तीय स्थिति और फंड के इस्तेमाल से जुड़े असत्यापित आंकड़ों और दावों को बिना किसी दस्तावेजी आधार के सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया जा रहा है।

ब्राजील के खिलाफ मुकाबले को बताया अहम मौका
  • भारत ने पिछले सप्ताह उद्घाटन फीफा एसियन कप से हटने का फैसला किया था। इसके बजाय भारतीय टीम 3 अक्तूबर को कोलकाता में पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील के खिलाफ होने वाले हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच को प्राथमिकता देगी।
  • एआईएफएफ ने कहा कि ब्राजील के खिलाफ मुकाबला आयोजित करने का फैसला उचित संस्थागत प्रक्रियाओं के तहत लिया गया है। महासंघ के मुताबिक, यह भारतीय फुटबॉल, राष्ट्रीय टीम और देश के लाखों प्रशंसकों के लिए एक असाधारण अवसर है।
  • एआईएफएफ ने कहा कि ब्राजील के खिलाफ मैच से भारतीय राष्ट्रीय टीम का मनोबल बढ़ेगा और प्रशंसकों की भारतीय फुटबॉल में रुचि भी बढ़ेगी। महासंघ ने इसे दोनों फुटबॉल महासंघों के बीच आपसी सहमति से तय अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन बताया।
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एआईएफएफ ने कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी
  • महासंघ ने कहा कि वह भारतीय फुटबॉल पर अलग-अलग राय रखने के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन वित्तीय स्थिति और फंड के इस्तेमाल से संबंधित दावे तथ्यों और सत्यापन योग्य जानकारी पर आधारित होने चाहिए।
  • एआईएफएफ ने चेतावनी दी कि तथ्यात्मक रूप से गलत बयानों का प्रसार भारत की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है। महासंघ ने कहा कि जिन लोगों ने ऐसे दावे किए हैं, वे भारतीय फुटबॉल के हित में बोल रहे हो सकते हैं, लेकिन संभव है कि उन्हें सही जानकारी नहीं मिली हो।
  • एआईएफएफ ने यह भी कहा कि यदि संबंधित लोग गलत और मानहानिकारक दावों को जानबूझकर प्रकाशित या प्रसारित करना जारी रखते हैं तो उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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