नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने आईओसी की ओर से प्रतिबंधित आईओए के उन पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है जो उसके राज्य संघों से जुड़े हैं। पंजाब राइफल एसोसिएशन ने इस आदेश पर अमल करते हुए प्रतिबंधित आईओए से जुड़े अपने दो पदाधिकारियों राणा गुरमीत सोढी व राजा के सिद्धू को हटा दिया। यही नहीं हिमाचल प्रदेश शूटिंग के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर पर भी कार्रवाई तय है। इन अधिकारियों को छह अप्रैल को होने वाले एनआरएआई के चुनाव में वोट डालने का भी अधिकार नहीं होगा।
एनआरएआई के अध्यक्ष रणइंदर सिंह के मुताबिक इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (आईएसएसएफ) ने आईओसी के प्रतिबंध के बाद उनसे दो बार स्पष्टीकरण मांगा। उनसे कहा गया कि एनआरएआई को प्रतिबंधित आईओए से कोई संबंध नहीं रखना है। इसके बाद उनके पास आईओए से जुड़े एनआरएआई में मौजूद पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का और कोई चारा नहीं बचता था। ऐसा नहीं करने पर भारतीय टीमों को अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में खेलने से रोका जा सकता था।
फिलहाल भारतीय टीमें शूटिंग कंपटीशनों में भारतीय झंडे तले शिरकत करेंगी। हालांकि यह कार्रवाई राज्य संघों को करने को कहा गया है। अगर राज्य संघ 15 दिनों के अंदर यह कार्रवाई नहीं करते हैं तो एनआरएआई अपनी कार्यकारिणी में इस मुद्दे को लेकर आएगी। अभी तक पंजाब राइफल ने ही ऐसे पदाधिकारियों को हटाया है। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव फेडरेशन के संविधान के अनुसार होंगे। लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर को स्पोर्ट्स कोड भी भेजा गया है। अब यह उनके ऊपर है वह किस आधार पर चुनाव कराते हैं।