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World Boxing Cup: विश्व मुक्केबाजी कप में भारत की सुनहरी वर्षा, ऐतिहासिक जीत पर क्या बोले खिलाड़ी? यहां पढ़िये

Thu, 20 Nov 2025 09:10 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

फाइनल में भारतीय पुरुष और महिला खिलाड़ियों ने दमदार मुकाबले खेले और घरेलू दर्शकों के सामने देश का परचम लहराया। मुकाबलों के बाद खिलाड़ियों ने अपनी भावनाएं साझा कीं। आइये देखते हैं...
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परवीन-निकहत-जेस्मिन - फोटो : PTI
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विस्तार
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विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल 2025 में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक पांच से ज्यादा स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। फाइनल में भारतीय पुरुष और महिला खिलाड़ियों ने दमदार मुकाबले खेले और घरेलू दर्शकों के सामने देश का परचम लहराया। मुकाबलों के बाद खिलाड़ियों ने अपनी भावनाएं साझा कीं, जिनमें जीत की खुशी, चुनौतियों से उबरने का संघर्ष और आगे की उम्मीदें साफ झलकीं।
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गदगद हुईं निकहत
भारत की स्टार मुक्केबाज निकहत जरीन ने चीनी ताइपे की गुओ यी शुआन को हराते हुए स्वर्ण जीता। 2023 विश्व चैंपियनशिप वाली इसी जगह पर दोबारा गोल्ड जीतकर निकहत भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा, 'यह मेरे लिए फुल सर्कल मोमेंट जैसा है…डेजा वू। यह पदक मेरे लिए बेहद खास है, लंबे समय बाद मिला यह गोल्ड मेरे सफर में बड़ी भूमिका निभाएगा।'
 

जेस्मिन ने जताई खुशी
भारत की जेस्मिन ने भी शानदार प्रदर्शन कर ओलंपिक मेडलिस्ट वू शिह-यी को 4–1 से मात दी। घरेलू दर्शकों के समर्थन को अपनी ताकत बताते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे दर्शकों से बहुत प्यार मिला, जिसने मुझे प्रेरित किया।' 57 किग्रा वर्ग में जाने के फैसले को सही बताते हुए उन्होंने कहा कि इस वजन में उनका प्रदर्शन और बेहतर हो रहा है।
 

पर्वीन हुड्डा ने भी जीता स्वर्ण
वहीं, पर्वीन हुड्डा ने जापान की अयाका तगुची को 3–2 से हराकर स्वर्ण अपने नाम किया। वापसी के इस सफर को याद करते हुए वह बोलीं, 'यह जीत मेरे लिए बहुत खास है। मैं बीएफआई और साइ का धन्यवाद करती हूं। मेरे मनोवैज्ञानिक ने मेरी बहुत मदद की… मैंने भी खुद को काफी पुश किया।'
 

सचिन सिवाच भी चमके
पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच ने किर्गिस्तान के ओलंपिक मेडलिस्ट मुनरबेक सईतबेक को 5–0 से मात देकर जोरदार प्रदर्शन किया। पुराने मुकाबले की हार को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'ओलंपिक क्वालिफायर में मुझे उनसे हार मिली थी, इसलिए यह जीत मेरे लिए बदले जैसी थी। कोई दबाव नहीं था, मैं उनका गेम जानता था।' उन्होंने बताया कि पटियाला कैंप में लेग मूवमेंट और अटैकिंग स्किल्स पर काम करना उनके लिए फायदेमंद रहा।
 
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हितेश गूलिया ने भी जीता सोना
इसके अलावा हितेश गूलिया ने कजाखस्तान के नुर्बेक मुरसाल को 3–2 से हराते हुए स्वर्ण हासिल किया। उन्होंने कहा, 'बहुत खुश हूं, मैंने जैसा सोचा था, वैसा ही प्रदर्शन किया। मुकाबला कठिन था, लेकिन तीसरे राउंड में मैंने पूरी ताकत लगा दी।' उन्होंने बताया कि विश्व चैंपियनशिप के बाद मानसिक रूप से वह ठीक नहीं थे, लेकिन सर्विसेज गेम्स में गोल्ड ने उन्हें फिर से आत्मविश्वास दिया।
 
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