भारतीय पहलवान नीलम सिरोही और काजल ने रजत पदक जीते। नीलम को बुधवार को विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के महिला 50 किग्रा फाइनल में जापान की दिग्गज युई सुसाकी से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इसके साथ ही वह अंशु मलिक के बाद विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला पहलवान बन गईं। सुसाकी ने अपने शानदार अभियान के दौरान एक भी अंक नहीं गंवाया और पहले पीरियड के समाप्त होने से ठीक पहले 26 वर्षीय नीलम को चित करके अपना पांचवां विश्व खिताब जीता।
सबसे सफल पहलवानों में हैं सुसाकी
टोक्यो ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता सुसाकी कुश्ती की सबसे सफल पहलवानों में से एक हैं। हालांकि 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत की विनेश फोगाट के हाथों मिली हार उनके दबदबे वाले करियर के दौरान एक झटका रही थी। नीलम के इस प्रदर्शन को भारतीय महिला कुश्ती के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अंशु मलिक ने 2021 में ओस्लो में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में 57 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था।
काजल भी स्वर्ण से चूकीं
नीलम ने सेमीफाइनल में कजाखस्तान की जेनेप बायानोवा को 7-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इसके साथ ही वह पहली बार एक ही विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक के मुकाबलों में पहुंचने वाली दो भारतीय महिला पहलवानों में शामिल हो गईं। दो बार की अंडर-20 विश्व चैंपियन काजल ढोचक ने भी 76 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बनाई, लेकिन वह भी स्वर्ण से चूक गईं। काजल को तीन बार की यूरोपीय चैंपियन अनास्तासिया अल्पयेयेवा के खिलाफ करीबी मुकाबले में 6-8 से शिकस्त के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
दो बार की अंडर-20 विश्व चैंपियन काजल भारत की पहली महिला सीनियर विश्व चैंपियन बनने से चूक गईं। वह सुशील कुमार के 2010 में खिताब जीतने के बाद विश्व चैंपियन बनने वाली भारत की दूसरी पहलवान बनने का मौका भी गंवा बैठीं। स्कोर के 4-4 से बराबर होने पर काजल क्राइटेरिया के आधार पर आगे थीं लेकिन मुकाबला समाप्त होने में महज 20 सेकेंड शेष रहते अल्पयेयेवा ने शानदार दांव लगाकर टेकडाउन किया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। हालांकि काजल और नीलम दोनों का प्रदर्शन यादगार रहा। भारत ने पहली बार महिला कुश्ती के इतिहास में विश्व चैंपियनशिप में एक ही दिन दो रजत पदक जीते।