पहलवान जसकरण सिंह की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं क्योंकि उन पर लगाए गए प्रतिबंध की अवधि में बढ़ोतरी की जा सकती है। जसकरण पर तीन साल का प्रतिबंध लगा था, लेकिन अब इसकी अवधि बढ़ सकती है। इस कारण यह है कि उन्होंने अयोग्यता अवधि के दौरान ईरान में एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लिया था जिससे अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) नाराज है।
किस कारण जसकरण पर लगा था प्रतिबंध?
आईटीए यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) की ओर से डोपिंग विरोधी कार्यक्रमों का प्रबंधन करता है। उसने जसकरण को यूडब्ल्यूडब्ल्यू के डोपिंग विरोधी नियमों के अनुच्छेद 10.14.1 के स्पष्ट उल्लंघन के लिए एक औपचारिक नोटिस जारी किया है। इस नियम के अनुसार कोई भी खिलाड़ी प्रतिबंध की अवधि के दौरान किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकता है। जसकरण पर अभी 19 जुलाई 2023 से लेकर 18 जुलाई 2026 तक प्रतिबंध लगाया गया है। उन पर यह प्रतिबंध जॉर्डन में यूडब्ल्यूडब्ल्यू एशियाई चैंपियनशिप (अंडर20) के दौरान प्रतिबंधित पदार्थ लिगैंड्रोल के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद लगाया गया था। इस पहलवान ने पिछले साल अप्रैल में यह प्रतिबंध स्वीकार किया था।
आईटीए के अनुसार प्रतिबंध से संबंधित फैसला जारी होने के ठीक दो सप्ताह बाद जसकरण ने आठ और नौ मई 2025 को ईरान के इस्फहान में तख्ती कप 2025 में भाग लिया था। उन्होंने टूर्नामेंट में पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। इस टूर्नामेंट को ईरान के कुश्ती महासंघ से मंजूरी मिली थी। ईरान का कुश्ती महासंघ यूडब्ल्यूडब्ल्यू का सदस्य है।
जसकरण को 16 जनवरी तक देना होगा जवाब
आईटीए ने कहा कि आधिकारिक परिणामों और ऑनलाइन पोस्ट किए गए फाइनल के वीडियो फुटेज सहित सार्वजनिक रूप से उपलब्ध साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि पहलवान ने अपनी अयोग्यता की शर्तों का उल्लंघन करते हुए प्रतिस्पर्धा की। नियमों के अनुसार कोई भी अयोग्य खिलाड़ी अपने राष्ट्रीय महासंघ या उस राष्ट्रीय महासंघ के सदस्य क्लब द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविर, प्रदर्शनी या अभ्यास में भाग नहीं ले सकते हैं। वह किसी ऐसे क्लब के टूर्नामेंट में भी भाग नहीं ले सकते हैं जिसे किसी सरकारी एजेंसी से वित्तीय लाभ मिल रहा हो। यूडब्ल्यूडब्ल्यू के नियमों के अनुसार प्रतिबंध के दौरान किसी प्रतियोगिता में भाग लेने पर खिलाड़ी को उतनी ही अवधि का और प्रतिबंध झेलना पड़ सकता है जितनी अवधि का प्रबंध उस पर अभी लगाया गया है। आईटीए ने जसकरण को लिखित जवाब देने के लिए 16 जनवरी तक का समय दिया है।