अमन भले ही गुरुवार को पदक पक्का करने से चूक गए थे, लेकिन उन्होंने कांस्य पदक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और देश को पेरिस खेलों में छठा पदक दिला दिया। भारत ने पेरिस ओलंपिक में अब तक पांच कांस्य और एक रजत सहित कुल छह पदक जीते हैं।
शुरुआत से ही मुकाबले में आगे रहे अमन
पहले राउंड में ही अमन 6-3 से आगे चल रहे थे। दूसरे राउंड अमन ने इस बढ़त को और आगे बढ़ाया और क्रूज को कोई मौका नहीं दिया। इस तरह अमन सहरावत ने जीत हासिल की। अमन पेरिस ओलंपिक में भारत के एकमात्र पुरुष पहलवान थे। हालांकि, उन्होंने कुश्ती में पदकों के सिलसिले को बरकरार रखा। भारत 2008 बीजिंग ओलंपिक के बाद से हर ओलंपिक में कुश्ती में पदक जीत रहा है। 2008 में सुशील कुमार ने कांस्य, 2012 में सुशील ने रजत और योगेश्वर दत्त ने कांस्य, 2016 में साक्षी मलिक ने कांस्य, 2020 टोक्यो ओलंपिक में रवि दहिया ने रजत और बजरंग पूनिया ने कांस्य पदक जीता था। अमन का यह पहला ओलंपिक था और उन्होंने अपने पहले ही ओलंपिक में कांस्य पदक जीत लिया है। अमन ने इस तरह ओलंपिक में कुश्ती में भारत का पदक का खाता खोला। विनेश फोगाट के अयोग्य करार दिए जाने के बाद निराशा में डूबे भारत को उन्होंने खुशियां दी हैं।