भारत की मीराबाई चानू पेरिस ओलंपिक में पदक से चूक गईं हैं। मीराबाई ने पेरिस ओलंपिक के 49 किलोग्राम वर्ग में स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर कुल 199 किलो का वजन उठाया और वह चौथे स्थान पर रहीं। स्नैच में मीराबाई ने 88 किग्रा वजन उठाया था, लेकिन क्लीन एंड जर्क में वह 111 किलो का ही वजन उठा सकीं। चीन की होऊ झिहूई कुल 206 किलो का वजन उठाकर शीर्ष पर रहीं, जबकि रोमानिया की मिहाएला वेलेंटिना ने कुल 205 किलो का वजन उठाकर रजत और थाईलैंड की खांबाओ सुरोदचना कुल 200 किलो का वजन उठाकर कांस्य पदक लाने में सफल रहीं। मीराबाई और तीसरे स्थान पर रहने वाली सुरोदचना के बीच सिर्फ एक किलो का फासला रहा। अगर चानू एक किलो ज्यादा वजन उठातीं तो पदक अपने नाम कर सकती थीं।
स्नैच में संयुक्त तीसरे स्थान पर रही थीं चानू
स्नैच दौर के खत्म होने के बाद मीराबाई चानू 88 किलो वजन सफलतापूर्वक उठाने के साथ ही संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर थीं। मीराबाई के अलावा थाईलैंड की खांबाओ सुरोदचना ने भी 88 किलो वजन उठाया था। रोमानिया की मिहाला वेलेंटिना 93 किलो वजन उठाकर शीर्ष पर, जबकि और चीन की होऊ झिहूई 89 किलो वजन उठाकर दूसरे स्थान पर चल रही थीं।
स्नैच में की थी सफल शुरुआत
मीराबाई चानू ने स्नैच के अपने पहले प्रयास में 85 किलो का भार सफलतापूर्वक उठाकर शानदार शुरुआत की। उन्होंने इसके बाद अगले प्रयास में 88 किलो वजन उठाने का फैसला किया। मीराबाई चानू हालांकि दूसरे प्रयास में विफल रहीं और 88 किलो भार का वजन नहीं उठा सकीं। मीराबाई चानू ने स्नैच में तीसरे प्रयास में वापसी की और 88 किलो भार वजन सफलतापूर्वक उठाया। जब उन्होंने तीसरा प्रयास पूरा किया तो वह सबसे आगे चल रही थीं, लेकिन बाद होऊ झिहूई ने 89 किलो उठाकर चानू को दूसरे स्थान पर ढकेला, फिर वेलेंटिना ने 93 किलो का वजन सफलतापूर्वक उठाकर सभी को पीछे छोड़ा। इन दोनों के शानदार प्रयास से मीराबाई संयुक्त तीसरे स्थान पर खिसक गईं।
क्लीन एंड जर्क में कैसा था स्कोर?
मीरबाई ने क्लीन एंड जर्क की शुरुआत 107 किलो वजन उठाकर करने का फैसला किया था, लेकिन उन्होंने इसमें बदलाव करते हुए 111 किलो का वजन उठाने का निर्णय लिया। हालांकि, वह क्लीन एंड जर्क के पहले प्रयास में विफल रहीं। उन्होंने अच्छी शुरुआत की, लेकिन जर्क में विफल रहीं। इसके बाद मीराबाई चानू ने क्लीन एंड जर्क के दूसरे प्रयास में 111 किलो का वजन सफलतापूर्वक उठाया। इस प्रदर्शन के दम पर वह तीसरे स्थान पर पहुंच गई थीं। मीराबाई का कुल स्कोर उस समय 199 था। मीराबाई चानू तीसरे और अंतिम प्रयास में 114 किलो का भार नहीं उठा सकीं जिससे इस दौर में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 111 किलो वजन उठाना रहा। मीराबाई इस तरह चौथे स्थान पर खिसक गईं। मीराबाई का स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर कुल स्कोर 199 का रहा। मालूम हो कि टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई ने कुल 202 किग्रा का वजन उठाकर रजत पदक जीता था, लेकिन वह पेरिस में इस प्रदर्शन को दोहराने में विफल रहीं।