भारतीय टेनिस खिलाड़ी पारिक्षित सोमानी को डोपिंग मामले में चार साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (आईटीआईए) के मुताबिक, सोमानी के सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ ट्राइमेटाजिडीन पाया गया था। 26 वर्षीय सोमानी की करियर की सर्वोच्च डबल्स रैंकिंग 256 रही है। उन्होंने पिछले साल कजाखस्तान के अस्ताना में आयोजित एक एटीपी चैलेंजर टूर्नामेंट के दौरान प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजिटिव टेस्ट दिया था।
सितंबर 2025 से अस्थायी निलंबन
आईटीआईए ने बताया कि एक स्वतंत्र ट्रिब्यूनल ने टेनिस के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत सोमानी पर चार साल का प्रतिबंध लगाया है। सोमानी को 23 सितंबर 2025 से अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था। अब स्वतंत्र ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद उनका प्रतिबंध सितंबर 2029 तक लागू रहेगा।
खिलाड़ी ने बताई थी खाने से दवा पहुंचने की वजह
- आईटीआईए के अनुसार, अस्थायी निलंबन के दौरान 2025 के अंत में सोमानी ने एजेंसी के प्लेयर सपोर्ट प्रोग्राम का सहारा लिया था। उन्होंने प्रतिबंधित पदार्थ के संभावित स्रोत का पता लगाने की कोशिश की।
- इस दौरान संभावित स्रोत के तौर पर जिन उत्पादों की जांच की गई, उनमें ट्राइमेटाजिडीन नहीं पाया गया। इन उत्पादों की जांच अमेरिका के साल्ट लेक सिटी स्थित विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में हुई थी।
- इसके बाद फरवरी 2026 में सोमानी ने दावा किया कि उन्होंने परिवार के एक सदस्य द्वारा तैयार किया गया खाना खाया था और खाना तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान परिवार के सदस्य की दवा से वह भोजन दूषित हो गया था।
ट्रिब्यूनल ने दावे को नहीं माना
सोमानी ने 19 अगस्त 2026 को स्वतंत्र ट्रिब्यूनल के सामने इसी आधार पर अपना पक्ष रखा। हालांकि, सोमानी और आईटीआईए की ओर से पेश किए गए वैज्ञानिक विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद ट्रिब्यूनल ने उनकी बताई गई फूड-कंटैमिनेशन थ्योरी को स्वीकार नहीं किया। ट्रिब्यूनल ने इन संभावनाओं को वैज्ञानिक रूप से अविश्वसनीय, अत्यधिक अटकलों पर आधारित और असंतोषजनक बताया।
नहीं साबित कर पाए प्रतिबंधित पदार्थ का स्रोत
स्वतंत्र ट्रिब्यूनल ने निष्कर्ष निकाला कि सोमानी अपने सैंपल में पाए गए प्रतिबंधित पदार्थ के स्रोत को स्थापित नहीं कर सके। इसके चलते ट्रिब्यूनल ने माना कि मामले में किसी तरह की रियायत या कम करने वाली परिस्थिति लागू नहीं होती। टेनिस के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत ट्रिब्यूनल ने पारिक्षित सोमानी पर चार साल का निलंबन लगा दिया, जो सितंबर 2029 तक जारी रहेगा।