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एशियन गेम्स 2026: कांस्य जीतकर खुश भारतीय स्कीट टीम, राइजा-परिनाज और माहेश्वरी ने बताया क्यों खास है ये पदक

Wed, 23 Sep 2026 05:15 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया

सार

एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने खुशी जताते हुए इसे देश के लिए खास उपलब्धि बताया। राइजा ढिल्लों, परिनाज धालीवाल, माहेश्वरी चौहान और मीराबाई चानू ने अपनी उपलब्धियों, अनुभवों और आगे के लक्ष्यों को साझा किया। आइए जानते हैं किसने क्या कहा...

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परिनाज धालीवाल-राइजा ढिल्लों-माहेश्वरी चौहान - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत की महिला स्कीट टीम ने बुधवार को एशियाई खेलों में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। राइजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान और परिनाज धालीवाल की तिकड़ी ने महिला टीम इवेंट में भारत को पहली बार पदक दिलाया। चीन ने स्वर्ण और कजाखस्तान ने रजत पदक जीता। ऐतिहासिक पदक जीतने के बाद तीनों खिलाड़ियों ने अपनी खुशी जाहिर की और इसे भारतीय महिला स्कीट के लिए अहम उपलब्धि बताया।
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परिनाज धालीवाल - फोटो : ANI
परिनाज धालीवाल: आखिरकार मिली वो पहचान, जिसकी हकदार थीं
  • परिनाज धालीवाल ने कहा कि महिला स्कीट टीम को आखिरकार वह पहचान मिली है, जिसकी वह हकदार थी। उन्होंने कहा, 'ये बहुत बढ़िया है कि हमने ऐसा कर दिखाया। मैं बहुत खुश हूं कि हम तीनों ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए आखिर तक संघर्ष किया।'
  • परिनाज ने पिछले एशियाई खेलों का अनुभव भी साझा किया, जब स्कीट टीम बिना मेडल के स्वदेश लौटी थी। उन्होंने कहा कि उस समय जब बाकी भारतीय टीमें पदक जीतकर सुर्खियों में थीं, तब खाली हाथ लौटना काफी निराशाजनक था। उन्होंने कहा कि इस बार टीम ने मेडल जीतने का पक्का इरादा किया था। हालांकि वह गोल्ड मेडल की उम्मीद कर रही थीं, लेकिन ब्रॉन्ज जीतकर भी बेहद खुश हैं।

राइजा ढिल्लों - फोटो : ANI
राइजा ढिल्लों: ये हम सभी के लिए ऐतिहासिक मेडल
  • राइजा ढिल्लों ने महिला स्कीट टीम के कांस्य पदक को ऐतिहासिक मेडल बताया। उन्होंने कहा कि टीम को अपने प्रदर्शन और अच्छी ट्रेनिंग के कारण पदक की उम्मीद थी। राइजा ने कहा, 'हम गोल्ड मेडल के साथ लौटना चाहते थे, लेकिन ब्रॉन्ज मेडल जीतना भी हमारे देश के लिए एक ऐतिहासिक जीत है और इससे हमें अगली बार और बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।'
  • पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं राइजा ने कहा कि यह उनका पहला बड़ा टीम मेडल है। उन्होंने बताया कि उन्होंने ओलंपिक में भी हिस्सा लिया है, लेकिन वहां टीम इवेंट नहीं होने के कारण यह उपलब्धि उनके लिए खास है। राइजा ने टीम के अच्छे माहौल और सपोर्ट स्टाफ को भी प्रदर्शन का श्रेय दिया।

माहेश्वरी चौहान - फोटो : ANI
माहेश्वरी चौहान: ब्रॉन्ज आगे बढ़ने की सीढ़ी, नजर अब बेहतर प्रदर्शन पर
  • माहेश्वरी चौहान ने कहा कि एशियाई खेलों में पोडियम तक पहुंचना भारतीय महिला स्कीट के लिए आगे बढ़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि टीम मेडल के रंग से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है, क्योंकि तीनों खिलाड़ी दूसरे रंग के मेडल की उम्मीद कर रही थीं। हालांकि उन्होंने ब्रॉन्ज को आगे बढ़ने का जरिया बताया।
  • माहेश्वरी ने माना कि प्रतियोगिता की शुरुआत उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। हवा, रेंज और दबाव जैसी परिस्थितियों ने चुनौती बढ़ाई, लेकिन अंत में अच्छे प्रदर्शन से वह खुश हैं। उन्होंने कहा कि खेल में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और अब आगे बढ़कर मेहनत जारी रखनी है।
  • टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ी माहेश्वरी ने अपनी युवा साथी राइजा और परिनाज की भी तारीफ की। उन्होंने दोनों की तकनीक और तैयारी को शानदार बताया और कहा कि दोनों का इंडिविजुअल फाइनल के लिए क्वालिफाई करना भारतीय स्कीट के लिए अच्छी बात है।
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मीराबाई चानू - फोटो : PTI
मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, एशियाई खेलों में 12 साल का इंतजार खत्म
  • भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने भी बुधवार को एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीतकर लंबे इंतजार को खत्म किया। उन्होंने महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया। मीराबाई ने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 198 किलोग्राम का स्कोर किया।
  • मीराबाई ने कहा कि एशियाई खेलों में पदक जीतना उनके लिए सपना सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि वह 2014 से इस पदक के लिए कोशिश कर रही थीं। उन्होंने कहा कि इस पदक के साथ उन्हें काफी हल्का महसूस हो रहा है और यह उनके सपनों के एशियाई खेल रहे हैं।
  • उत्तर कोरिया की री सोंग गम ने 215 किलोग्राम के कुल वजन के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंडोनेशिया की लुलुक डायना त्रिविजयाना ने 191 किलोग्राम के साथ ब्रॉन्ज हासिल किया। मीराबाई ने रजत के साथ एशियाई खेलों में भारोत्तोलन में भारत के 12 साल के पदक सूखे को खत्म किया।
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