इलावेनिल वलारिवान की मुस्कान कभी उनके गले में पड़े पदक के रंग पर निर्भर नहीं करती। रविवार को भी जब उनके हाथ से लगभग पक्का लग रहा स्वर्ण पदक फिसल गया तब यह 27 वर्षीय भारतीय एयर राइफल निशानेबाज एशियाई खेलों की रेंज से उसी सहज मुस्कान के साथ बाहर निकलीं शांत, संयमित और आश्चर्यजनक रूप से संतुष्ट। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल फाइनल के अधिकांश हिस्से में इलावेनिल पूरी तरह नियंत्रण में नजर आईं। उन्होंने करीब 1.5 अंक की बढ़त बनाई और लंबे समय तक इसे बरकरार रखा। लेकिन अंत में उनके तीन ढीले शॉट ने मुकाबले का रुख बदल दिया और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
स्वर्ण नहीं पाने से निराश नहीं हुई इलावेनिल
इलावेनिल के चेहरे पर ना निराशा थी और ना ही जो हुआ उसे छिपाने की कोई कोशिश। इलावेनिल ने कहा, मैं थोड़ी रिलैक्स हो गई थी। मुझे लगता है कि मुझे फाइनल पर थोड़ा और काम करने की जरूरत है। मुझे पता था कि मैं शीर्ष तीन में हूं। हालांकि मैं अपना ध्यान फिर से प्रक्रिया और अपनी तकनीक पर लगाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैं थोड़ी रिलैक्स हो गई। जैसे ही पदक पक्का हुआ तो दबाव कम हो गया। इसके बाद मैंने अपनी प्रक्रिया को लेकर थोड़ी ढील बरती। मुझे लगता है कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। मुझे लगता है कि यह पूरी प्रक्रिया सीखने की है।
एशियाई प्रतियोगिता में तीसरा व्यक्तिगत रजत
रविवार का रजत पदक प्रमुख एशियाई प्रतियोगिताओं में उनका लगातार तीसरा व्यक्तिगत रजत था। इससे पहले वह शिमकेंट और दिल्ली में एशियाई चैंपियनशिप में भी पोडियम पर पहुंची थीं। हालांकि एक बार फिर मामूली अंतर से स्वर्ण से चूकने पर ध्यान देने के बजाय इलावेनिल पहले ही एक बेहद साधारण चीज के बारे में सोच रही हैं। उन्होंने कहा, अब शायद आराम और उबरने की प्रक्रिया होगी। मुझे अपने बिस्तर की बहुत याद आ रही है। मैं बस वापस जाकर अपने कोच और टीम साथियों के साथ इसका जश्न मनाना चाहती हूं।
यह पदक भारत के लिए दोहरी खुशी का हिस्सा भी रहा। इलावेनिल, सोनम उत्तम मस्कर और विदर्सा विनोद ने इससे पहले टीम स्पर्धा में भी भारत को रजत पदक दिलाया। इलावेनिल के लिए यह उपलब्धि व्यक्तिगत सफलता से ज्यादा इन तीनों निशानेबाजों के बीच विकसित हुए रिश्ते और टीम भावना के बारे में थी। उन्होंने कहा, यह टीम के सामूहिक प्रयास के बारे में अधिक है। हमारे में से हर एक ने ट्रेनिंग सत्र के दौरान एक-दूसरे की मदद की और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।