भारतीय पिकलबॉल खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
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एशियन पिकलबॉल जूनियर ओपन/एशियन जूनियर चैंपियनशिप 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पदक अपने नाम किए। थाईलैंड के नाखोन पाथोम स्थित माहिडोल यूनिवर्सिटी में आयोजित तीन दिवसीय कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप में भारत ने एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीता।
स्तुति-अंजलि ने जीता स्वर्ण
भारत के लिए पदक जीतने की शुरुआत स्तुति और अंजलि की जोड़ी ने की। दोनों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-18 गर्ल्स डबल्स वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके बाद अंजलि पोल ने अंडर-18 गर्ल्स सिंगल्स में रजत पदक जीतकर भारत की पदक तालिका में एक और पदक जोड़ा। वहीं, आद्या और कीर्ति की जोड़ी ने अंडर-12 गर्ल्स डबल्स में कांस्य पदक अपने नाम किया।
युवा खिलाड़ियों के लिए अहम मंच
एशिया फेडरेशन ऑफ पिकलबॉल (एएफपी) की ओर से आयोजित इस चैंपियनशिप में एशिया के कई उभरते हुए जूनियर पिकलबॉल खिलाड़ी अलग-अलग आयु वर्गों में हिस्सा ले रहे हैं। टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खेलने और कॉन्टिनेंटल स्तर पर अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है।
इस प्रतियोगिता में लड़कों और लड़कियों के विभिन्न आयु वर्गों में मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य जूनियर खिलाड़ियों के विकास को बढ़ावा देने के साथ उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना और उनके लिए आगे बढ़ने का मजबूत रास्ता तैयार करना है।
भारतीय पिकलबॉल के भविष्य को लेकर बढ़ा भरोसा
भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर अरविंद प्रभु ने कहा कि एशियन जूनियर चैंपियनशिप में युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफी उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग आयु वर्गों में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतना भारत में जूनियर पिकलबॉल की बढ़ती क्षमता और गहराई को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए इस स्तर पर अंतरराष्ट्रीय अनुभव बेहद जरूरी है। इस तरह के प्रदर्शन से भारतीय पिकलबॉल के भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ता है।
भारत के एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक ने इस चैंपियनशिप में देश के जूनियर पिकलबॉल खिलाड़ियों की बढ़ती क्षमता को उजागर किया है। साथ ही, इस प्रदर्शन से युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक गति मिलने की उम्मीद है।