भारतीय कबड्डी टीम के सदस्य बृजेंद्र सिंह चौधरी पर डोप टेस्ट में फेल होने पर कार्रवाई की गई है। अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) ने बताया कि बृजेंद्र प्रतिबंधित ड्युरेटिक (मास्किंग एजेंट) ब्रिंजोलेमाइड के सेवन के दोषी पाए गए हैं।
एशियाई बीच खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय कबड्डी टीम के सदस्य बृजेंद्र सिंह चौधरी से प्रतियोगिता के दौरान हुए डोप परीक्षण में विफल रहने के कारण उनका पदक छीन लिया गया है। अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) ने बताया कि चौधरी 27 अप्रैल को प्रतियोगिता के दौरान किए गए डोप परीक्षण में प्रतिबंधित ड्युरेटिक (मास्किंग एजेंट) ब्रिंजोलेमाइड के सेवन के दोषी पाए गए थे और उन्होंने प्रतिबंध को स्वीकार कर लिया है।
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डोपिंग रोधी नियम के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई
आईटीए ने एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) की ओर से जारी बयान में कहा, अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) ने बताया है कि भारतीय कबड्डी खिलाड़ी बृजेंद्र सिंह चौधरी पर डोपिंग रोधी नियम उल्लंघन (एडीआरवी) के मामले में कार्रवाई की गई है।
ब्रिंजोलेमाइड को विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल किया है और यह प्रतियोगिता के दौरान तथा प्रतियोगिता के इतर भी हर समय प्रतिबंधित है। आईटीए ने कहा, खिलाड़ी ने ओसीए के डोपिंग रोधी नियमों के तहत अपने उल्लंघन के परिणामों को स्वीकार कर लिया है। इसमें डोपिंग रोधी नियम उल्लंघन की पुष्टि और छठे एशियाई बीच खेल सान्या 2026 में उनके व्यक्तिगत परिणामों को रद्द करना शामिल है। इसमें पुरुष बीच कबड्डी स्पर्धा में उनका दूसरा स्थान भी शामिल है।