देश को लगातार दो ओलंपिक में तीन पदक दिलाकर इतिहास बना चुके पहलवानों सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के गुरु महाबली सतपाल इस कामयाबी को 2013 में एशियाई और विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भी दोहराने को तैयार हैं। द्रोणाचार्य अवार्डी सतपाल ने कहा, ‘2012 कुश्ती के लिहाज से ऐतिहासिक रहा।
सुशील ने लंदन ओलंपिक में रजत और योगेश्वर ने कांस्य पदक जीता। लंदन के बाद भारतीय कुश्ती का स्तर कहीं ऊंचा हो चुका है। पहले हमारे पहलवान विदेशी पहलवानों के सामने दबाव में रहते थे लेकिन अब स्थिति उलट हो चुकी है। विदेशी पहलवान हमारे पहलवानों के सामने उतरते समय दबाव में रहते हैं। यह सब कुछ सुशील और योगेश्वर के करिश्माई प्रदर्शन की बदौलत हुआ है।
उन्होंने कहा कि हम सफलता के इस सिलसिले को 2013 में और फिर 2016 के रियो ओलंपिक में कायम रखना चाहते हैं। इस वर्ष एशियाई चैंपियनशिप दिल्ली में होनी है और विश्व चैंपियनशिप भी इसी वर्ष होनी है। ये दो बड़ी प्रतियोगिताएं हैं और हम चाहेंगे कि हमारे पहलवान इन प्रतियोगिताओं में भी धूम मचाएं।’