भारतीय महिला हॉकी टीम को एशिया कप के फाइनल में चीन के हाथों 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारतीय टीम अगले वर्ष बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले विश्वकप के लिए सीधे क्वालिफाई करने से वंचित हो गई। इस टूनामेंट में अपना तीसरा खिताब हासिल करने वाली चीनी टीम ने विश्वकप का टिकट भी पक्का कर लिया। मैच में पहला गोल भारत ने किया जब पहले ही मिनट में नवनीत कौर ने पेनॉल्टी कॉर्नर को भुनाया था। तीन मिनट बाद चीन ने दो पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन भारतीय रक्षक पंक्ति ने अच्छे बचाव किए। शुरुआत में अपने खिलाफ गोल होने के बाद चीनी टीम ने रक्षण पर जोर दिया लेकिन बीच-बीच में हमले भी बोले। मेजबान टीम ने भारतीय गोलपोस्ट पर लगातार आक्रमण करना जारी रखा और दूसरे क्वार्टर के दूसरे ही मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन भारतीय किले को नहीं भेद पाए। गेंद ज्यादातर भारतीय पाले में ही घूमती रही। लगातार दबाव बनाने का नतीजा यह हुआ किदूसरे क्वार्टर में चीन ने जिजिया क्यू के 21वें मिनट में किए गए गोल से बराबरी हासिल कर ली। मध्यांतर तक स्कोर 1-1 से बराबरी पर था। हालांकि चीनी टीम का पलड़ा भारी रहा था। उसके बाद 41वें मिनट में होंग ली ने चीन को 2-1 से आगे किया। दस मिनट में मेइरोंग जोयू ने टीम का तीसरा गोल कर दिया। जियागी झोंग ने 53वें मिनट में टीम के लिए चौथा गोल किया।