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U-23 World Wrestling Championships: भारत के 21 पहलवानों को नहीं मिला वीजा, स्पेन पर बैन की मांग

Tue, 18 Oct 2022 07:37 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय टीम के 21 पहलवानों को वीजा नहीं मिला है। इसके बाद मेजबान स्पेन पर बैन की मांग की जा रही है। 
 
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भारतीय कुश्ती महासंघ अध्यक्ष - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अंडर -23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप की शुरुआत से पहले भारत को बड़ा झटका लगा है। टीम इंडिया के 30 में से 21 सदस्यों का वीजा रद्द कर दिया गया है। सिर्फ नौ सदस्यों को ही वीजा मिला है और ये खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग ले पाएंगे। वहीं, अन्य 21 खिलाड़ी कोई मैच खेले बिना ही प्रतियोगिता से बाहर हो चुके हैं। मेजबान स्पेन ने इन 21 खिलाड़ियों को वीजा देने से इंकार कर दिया है। 
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये नौ खिलाड़ी वीजा की अवधि खत्म होने से पहले ही स्पेन से निकलना चाहते थे। इस वजह से उन्हें वीजा नहीं दिया गया है। 
भारतीय कुश्ती महासंघ ने विश्व चैम्पियनशिप के लिए 30 सदस्यीय टीम चुनी थी, लेकिन स्पेन के दूतावास ने सिर्फ 21 पहलवानों को वीजा दिया है। इस टूर्नामेंट के पिछले संस्करणों में भारत का रिकॉर्ड शानदार है। इस टूर्नामेंट के 2021 संस्करण में भारत ने पांच पदक जीते थे।

कुश्ती चैंपियनशिप 17-23 अक्तूबर के बीच स्पेन के पोंटेवेदरा में होगी। हाल ही में अंडर-20 महिला विश्व चैंपियन बनी अंतिम पंघाल भी यह टूर्नामेंट में खेलने वाली थीं, लेकिन उन्हें भी वीजा नहीं दिया गया। भारत के कुल 45 सदस्यों को स्पेन जाना था, लेकिन अब वीजा से इनकार के कारण यात्रा को रोक दिया गया है। भारत के 10 फ्रीस्टाइल पहलवान टीम में शामिल थे, लेकिन सिर्फ अमन (57 किग्रा) को वीजा मिला। अन्य नौ पहलवानों को वीजा नहीं मिला है। फ्री-स्टाइल के सिर्फ तीन कोच को वीजा मिला है। 
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छह ग्रीको-रोमन पहलवानों में से केवल अंकुश (50 किग्रा) और मानसी (59 किग्रा) ही वीजा प्राप्त कर पाए थे। ग्रीको-रोमन टीम के मुख्य कोच महाबीर प्रसाद ने स्पेन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। वहीं, भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बीबीएस सिंह ने कहा कि 30 में से सिर्फ नौ खिलाड़ियों को वीजा दिया जाना निराशाजनक है। हमने दो साल पहले चैंपियनशिप की मेजबानी की थी और पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध नहीं होने के बावजूद हमनें उनके खिलाड़ियों को वीजा दिए थे। पहली बार ऐसी घटना हुई है। किसी भी देश को एक टूर्नामेंट की मेजबानी इसी शर्त पर दी जाती है कि वह दूसरे देश के खिलाड़ियों को इसमें भाग लेने से नहीं रोक सकता। भले ही उस देश के साथ संबंध अच्छे न हों। 
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