वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल से पहले कहा था कि भारत इस टूर्नामेंट की सबसे अप्रत्याशित टीम है और अब ऑस्ट्रेलिया को बुधवार को होने वाले क्वार्टर फाइनल में इसी मेजबान टीम से लोहा लेना पड़ेगा।
बुधवार को चारों क्वार्टर फाइनल मैच खेले जाएंगे जिसमें भारत का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से, इंग्लैंड का मुकाबला बेल्जियम से, जर्मनी का मुकाबला नीदरलैंड से तथा अर्जेंटीना का मुकाबला न्यूजीलैंड से होगा।
भारत ने ओलंपिक चैंपियन जर्मनी के खिलाफ अपने आखिरी ग्रुप मैच में जैसा बेहतरीन प्रदर्शन किया उसे देखते हुए ऑस्ट्रेलिया के लिए मुकाबला आसान नहीं माना जा रहा है।
मेजबान भारतीय टीम ने इससे पहले अपने दोनों मैच इंग्लैंड तथा न्यूजीलैंड से गंवाए थे लेकिन जर्मनी के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने अपने स्तर से ऊंचा उठकर शानदार प्रदर्शन किया।
भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2010 में इसी मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में वर्ल्ड कप और कॉमनवेल्थ गेम्स में एकतरफा हार मिली थी। हालांकि भारत के मौजूदा कोच टेरी वॉल्श ऑस्ट्रेलिया के हैं और वह प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के खेल को भली भांति जानते हैं। ऐसे में उम्मीद है कि भारतीय टीम इस बार ऑस्ट्रेलिया से बदला लेने में सफल रहेगी।