पुणे में चल रही 20वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप का चौथा दिन (शनिवार) भारतीय खिलाड़ियों के लिए निराशाजनक रहा और उसे एक भी पदक हासिल नहीं हुआ।
लेकिन चीन ने अपना दबदबा कायम रखा और चार स्वर्ण पदक हासिल किए।
दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भारत के लिए महिलाओं की चार गुणा 400 रिले दौड़ में एस सिनी, मार्लिन जोसेफ, सराबानी नंदा और आशा रॉय ने किया जो 45.03 सेकंड के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
चीन ने इस स्पर्धा का गोल्ड 44.01 सेकंड के साथ जीता। जापान दूसरे और थाइलैंड तीसरे स्थान पर रहा।
सात स्पर्धाओं वाली महिला हेपटाथालोन में सुष्मिता सिंह रॉय 5328 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। इस स्पर्धा का स्वर्ण थाइलैंड की वासाना विनाथो ने 5818 अंक के साथ जीता।
भारत एक स्वर्ण, तीन रजत और पांच कांस्य के साथ छठवें स्थान पर है। चीन 12 स्वर्ण, चार रजत और पांच कांस्य के साथ टॉप पर है। दूसरे स्थान पर बहरीन, उज्बेकिस्तान तीसरे और सऊदी अरब व जापान क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।
रिले टीम में दी टिंटू लूका को जगह
अश्विनी अकुंजी और प्रियंका पवार को 4 गुणा 400 रिले टीम में जगह दिलाने की कोशिशें विफल होने के बाद एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने शनिवार को इस टीम में टिंटू लूका को जगह दे दी।
पीटी ऊषा की शिष्या 800 मीटर की विशेषज्ञ दौड़ाक है। लेकिन रिले में किसी तरह से गोल्ड मेडल की होड़ में बने रहने के लिए चयनकर्ताओं ने टिंटू को चौकड़ी में शामिल कर लिया।
अब रविवार को पुणे में होने वाली इस दौड़ में टिंटू के साथ एमआर पूवम्मा, अनु मरियम जोस और निर्मला दौड़ेंगी। हालांकि टिंटू को टीम में शामिल करने के पहले पीटी ऊषा से इस बारे में मंजूरी ली गई, जिसमें उन्होंने हामी भर दी।
इससे पहले भी 2011 की एशियाई चैंपियनशिप में रिले टीम नहीं बन पाने के चलते ओपी जैसा और अजुमा खातून को टीम में जगह दी गई।