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Ayush Shetty: 'मैं दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बन सकता हूं', स्टार खिलाड़ियों को धूल चटाने के बाद बोले आयुष

Tue, 14 Apr 2026 12:22 PM IST
Swapnil Shashank स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आयुष शेट्टी ने शीर्ष खिलाड़ियों को हराने के बाद आत्मविश्वास से भरा बयान दिया है कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बन सकते हैं। उनकी हालिया कामयाबी ने उन्हें भारतीय बैडमिंटन के उभरते सितारों में शामिल कर दिया है। आयुष का मानना है कि कड़ी मेहनत और निरंतर प्रदर्शन के दम पर वह आने वाले समय में विश्व स्तर पर अपनी पकड़ बना सकते हैं।
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आयुष शेट्टी - फोटो : IANS
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विस्तार
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बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने के बाद आयुष शेट्टी ने गर्व और उम्मीद जताई है। शेट्टी ने इसे एक शानदार टूर्नामेंट बताते हुए दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने के विश्वास को और मजबूत किया है। इसके साथ ही, उन्होंने फाइनल में मिली निराशा को भी स्वीकारते हुए उस दिन बेहतर खेलने का श्रेय शी यू क्यूई को दिया। 
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'मेरे लिए एक शानदार टूर्नामेंट था'
आयुष शेट्टी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, 'मुझे लगता है कि यह मेरे लिए एक शानदार टूर्नामेंट था, जिस तरह से मैंने पूरे टूर्नामेंट में खेला, उससे मैं सचमुच बहुत खुश हूं। मेरे मैच बहुत मुश्किल थे, लेकिन जिस तरह से मैंने उन सभी में जीत हासिल की, उससे मैं खुश हूं। जहां तक फाइनल की बात है, तो थोड़ी निराशा हुई। मैं जीत के साथ टूर्नामेंट खत्म करना चाहता था, लेकिन इसका श्रेय शी यू क्यूई को जाता है, वह उस दिन बेहतर खिलाड़ी थे। मैं सिल्वर मेडल पाकर मैं शुक्रगुजार हूं।'

आयुष ने जीता रजत पदक
दुनिया की रैंकिंग में 25वें स्थान पर काबिज 20 वर्षीय शटलर को निंगबो ओलंपिक सेंटर में हुए फाइनल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन यू क्यूई के हाथों 8-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा। सिल्वर मेडल जीतने के साथ आयुष साल 2018 में एचएस प्रणॉय के बाद बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में पोडियम पर जगह बनाने वाले पहले भारतीय पुरुष सिंगल्स खिलाड़ी बन गए हैं।

वर्ल्ड नंबर-1 को दी थी शिकस्त
सेमीफाइनल में थाईलैंड के मौजूदा चैंपियन कुनलावुत वितिदसरन को हराने के बाद, आयुष बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय पुरुष सिंगल्स खिलाड़ी (और कुल मिलाकर तीसरे खिलाड़ी) बन गए। शेट्टी अगर फाइनल जीत लेते, तो वह दिनेश खन्ना की बराबरी कर लेते, जो 1965 में पुरुष सिंगल्स चैंपियन बने थे।
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'मैं सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बन सकता हूं'
उन्होंने आगे कहा, 'इस टूर्नामेंट ने मुझे बहुत आत्मविश्वास दिया कि मैं दुनिया का सबसे अच्छा खिलाड़ी बन सकता हूं। अगला टूर्नामेंट थॉमस कप होगा। मैं इसके लिए काफी उत्साहित हूं। हम ट्रॉफी घर लाने की पूरी कोशिश करेंगे। दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों को हराने से आत्मविश्वास बढ़ता है, लेकिन मुझे उन्हें लगातार हराने पर काम करने की जरूरत है। आगे का लक्ष्य और ज्यादा निरंतरता बनाए रखना और नियमित रूप से इसी स्तर पर खेलना है।'
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