निकहत ने शुरू कर दी हैं तैयारियां
निकहत ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में 'खिलाड़ियों की राह, आसान या मुश्किल' सत्र में लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह भी मौजूद थे। भविष्य के कार्यक्रम के बारे में पूछे जाने पर निकहत ने कहा, मेरा सपना रहा है ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना। 2024 पेरिस ओलंपिक में मैं ये पूरा नहीं कर पाई। ये मेरे लिए एक निराशा रहेगी, लेकिन मैं इस निराशा को कामयाबी की ओर मोड़ना चाहती हूं। मैंने तैयारी शुरू कर दी है और अभी मेरा पूरा ध्यान लॉस एंजिलिस ओलंपिक पर है। पेरिस ओलंपिक के बाद से मैंने किसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया है। जल्द ही मैं प्रतिस्पर्धी सर्किट में उतरूंगी। मेरा पहला ध्यान तो सितंबर में होने वाले विश्व चैंपियनशिप पर है। वहां मैं अपने खिताब का बचाव करना चाहूंगी।
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निकहत ने क्यों कहा, दुल्हों की लाइन लग जाएगी?
निकहत ने इस दौरान मुक्केबाजी में उनके करियर को लेकर भी सवाल किए गए। इस पर निकहत ने कहा, मैं बचपन से ही बहुत जिद्दी रही हूं। लड़कों के साथ खेलना कूदना रहा है मेरा। मैंने अपने पापा से बोला कि मैं बॉक्सिंग करूंगी और सबको दिखाऊंगी कि लड़कियां भी बॉक्सिंग कर सकती हैं। 2009 में मैंने बॉक्सिंग शुरू की थी जब में 13 साल की थी। मुझे शुरू में बहुत मार पड़ी थी। मार तो अभी भी पड़ती है जब मैं लड़कों से फाइट करती हूं, लेकिन शुरू में इतनी मार पड़ी थी कि जब एक प्रैक्टिस सेशन था, तो एक लड़के ने मुझे इतना मारा कि मेरे नाक से खून निकलने लगा। मेरे टीशर्ट पर उसके दाग रह गए थे और मैं घर उसी हालत में गई थी। जब मेरी मां ने मुझे देखा तो रोने लग गई। उन्होंने कहा कि इसलिए मैं तुम्हें बॉक्सिंग में नहीं डाल रही थी। उन्होंने बोला तेरा चहरा खराब हो जाएगा तो शादी कौन करेगा? मैंने बोला मां टेंशन क्यों ले रही नाम होगा तो दुल्हों की लाइन लग जाएगी।