महिला हॉकी विश्व कप में रविवार को भारत का सामना अमेरिका से होगा। भारत के चीफ कोच सोएर्ड मराइन बहुत साफ साफ और सही कहते हैं, 'हमारी टीम को अमेरिका के खिलाफ रविवार का मैच जीतना ही होगा। हमने आयरलैंड के खिलाफ गोल के मौके तो खूब बनाए लेकिन उन्हें गोल में तब्दील न करने के कारण मैच हार गए। हम अमेरिका के खिलाफ ऐसी ही गलती गवारा नहीं कर सकते हैं। टीम के अपने अच्छे स्ट्रक्चर और योजना के चलते ही हमने शुरू के दो मैचों प्रतिद्वंद्वी टीम की डी में गोल के मौके बनाए। हमें इन मौकों को गोल में तब्दील न कर पाना भारी पड़ा।
अपनी रणनीति के बारे में बात करते हुए वह कहते हैं कि, 'अमेरिका के खिलाफ हमारी कोशिश गोल के मौकों को तब्दील करनी की होगी। हमारी टीम को आयरलैंड के खिलाफ मैच जीत न पाने की निराशा जरूर है लेकिन उसके लिए यह बात उत्साह बढ़ाने वाली होनी चाहिए कि उसके लिए यह बात जरूर हौसला बढ़ाने वाली होगी कि उसने गोल करने के अपने प्रतिद्वंद्वी से ज्यादा अवसर बनाए। हमारे लिए अच्छी बात यह है कि हमारी रक्षापंक्ति ने खासी मजबूती दिखाई है और अमेरिका के खिलाफ उससे ऐसे ही चौकस खेल की आस है। आयरलैंड के खिलाफ गोल करने के गोल करने के करीब ढाई दर्जन मौकों में से एक को भी गोल में तब्दील न कर पाना वाकई निराश करने वाला है।