हॉकी इंडिया ने हाल ही में प्रो लीग को देखते हुए राष्ट्रीय शिविर के लिए 33 सदस्यीय संभावित खिलाड़ियों की सूची जारी की थी जिसके स्टार खिलाड़ी मनप्रीत सिंह सहित अन्य दो अन्य लोगों को इसमें जगह नहीं मिली थी। 15 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ था कि मनप्रीत को शिविर के लिए नहीं चुना गया था। इस फैसले को लेकर सभी के मन में सवाल थे, लेकिन अब जानकारी सामने आ रही है कि हॉकी इंडिया को आखिर किस कारण ये फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
दक्षिण अफ्रीका दौरे पर ही लिया गया था फैसला
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, यह फैसला पिछले साल दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर ही अनुशासनात्मक कारणों से ले लिया गया था। ऐसी अटकलें लगाई जा रही थी कि किसी भारतीय खिलाड़ी के सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों का हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की के (412) रिकॉर्ड की बराबरी से रोकने के लिए मनप्रीत को बाहर किया गया है। मनप्रीत इस रिकॉर्ड से एक मैच दूर हैं। टीम के करीबी सूत्रों ने हालांकि बताया कि मनप्रीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और गोलकीपर कृशन बहादुर पाठक को बाहर करने का फैसला पिछले साल दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर ही ले लिया गया था। भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका में सात से दस दिसंबर 2025 के बीच दो टेस्ट और एक नुमाइशी मैच खेले थे।
किस बात की मिली सजा?
- इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया, दक्षिण अफ्रीका दौरे पर अनुशासनहीनता का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया था जब एक खिलाड़ी टीम बैठक से गायब था
- सूत्र ने कहा, बाद में पता चला कि उसे मनप्रीत, दिलप्रीत और पाठक ने कथित तौर पर प्रतिबंधित पदार्थ वाली च्युइंग गम खिलाई थी जिससे वह बेहोश हो गया और पूरी रात उसे संभालना पड़ा।
- सूत्र के अनुसार, अगली सुबह वह टीम बैठक में भी नहीं जा सका। खिलाड़ियों ने अपने साथी खिलाड़ी को प्रतिबंधित पदार्थ खिलाने के लिए बाद में माफी मांगी लेकिन टीम बैठक में तब ही उन्हें आगामी शिविर से बाहर रखने का फैसला सुना दिया गया था।
- यह भी पता चला है कि कोच क्रेग फुल्टोन की ओर से घटना की कोई लिखित रिपोर्ट हॉकी इंडिया को नहीं दी गई है।
मनप्रीत की अनुपस्थिति पर उठे थे सवाल
राउरकेला में अगले महीने होने वाले प्रो लीग के आगामी सत्र के लिए हॉकी इंडिया ने गुरुवार को संभावित खिलाड़ियों की सूची जारी की जिसमें कोच ने कहा कि कार्यभार प्रबंधन के लिए कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया गया है। राउरकेला में 10 से 15 फरवरी तक होने वाले एफआईएच प्रो लीग मैचों से पहले एक से सात फरवरी तक यह शिविर आयोजित किया जाएगा।
मनप्रीत की सह कप्तानी में रांची रॉयल्स टीम हॉकी इंडिया लीग के फाइनल में पहुंची थी और टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन भी काबिले तारीफ रहा जिससे उन्हें बाहर किए जाने को लेकर सवाल उठने लाजमी हैं । वहीं कृशन और दिलप्रीत एचआईएल जीतने वाली कलिंगा लांसर्स टीम का हिस्सा थे। दो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता टीमों के सदस्य और 33 वर्षीय पूर्व भारतीय कप्तान मनप्रीत 15 वर्षों में पहली बार शिविर के लिए संभावित खिलाड़ियों की सूची में जगह नहीं बना पाए हैं।