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खेल मंत्रालय को रास नहीं आ रहा अधिक वेतन 

Sat, 06 Apr 2019 12:32 AM IST
Mukesh Jha हेमंत रस्तोगी, नई दिल्ली
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साकेंतिक चित्र
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दिग्गज आस्ट्रेलियाई कोच ग्राहम रीड के भारतीय पुरुष हॉकी टीम से जुडने पर पेंच फंस गया है। खेल मंत्रालय को रीड का अधिक वेतन और कुछ शर्तें रास नहीं आ रही हैं जिसके चलते उनके अनुबंध पर अब तक मंत्रालय की अंतिम मुहर नहीं लगी है। अब रीड के हॉकी टीम के कोच बनने पर अंतिम फैसला खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को लेना है।

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हॉकी इंडिया की ओर से पुरुष हॉकी टीम के कोच के लिए ग्राहम रीड का नाम प्रस्तावित किया गया था। जिस पर विदेशी कोचेज की कमेटी ने 26 मार्च को मुहर लगा दी थी। अंतिम मंजूरी के लिए  इसे खेल मंत्रालय के पास भेजा गया जिसमें आपत्तियां सामने आई हैं। मंत्रालय को रीड के साथ अनुबंध पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि उनका प्रस्तावित 15 हजार डॉलर प्रति माह का वेतन और साल में पांच से छह बार आस्ट्रेलिया जाने की शर्त उसे रास नहीं आ रही है। 

सूत्र बताते हैं कि मंत्रालय का मानना है कि अगर कोच साल भर में इतनी बार अपने देश का दौरा करेगा तो इससे साफ तौर पर टीम की कोचिंग पर फर्क पड़ेगा। यही कारण है कि अनुबंध पर अंतिम फैसला लेने के लिए गेंद खेल मंत्री के पाले में डाल दी गई है। अगर खेल मंत्री को इस पर आपत्ति नहीं होती है तो रीड के अनुबंध का रास्ता साफ हो जाएगा। अगर खेल मंत्री को भी मंत्रालय की आपत्ति जायज लगती है तो फिर हॉकी इंडिया के साथ अनुबंध पर एक बार फिर समझौते की बातचीत शुरू होगी।
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ओल्टमेंस को मिलता था अधिक वेतन
अब तक खेल मंत्रालय की ओर से हॉकी टीम के कोच के तौर पर सबसे अधिक वेतन डच रोलैंट ओल्टमेंस को साढ़े 15 हजार डॉलर प्रति माह दिया जाता था, लेकिन अपने देश जाने को लेकर उन्होंने इतनी कड़ी शर्त नहीं रखी थी। इस वक्त महिला हॉकी टीम के शोर्ड मराइन को तकरीबन 10 हजार और आस्ट्रेलियाई हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर इयन डेविड जॉन को 12 हजार डॉलर प्रति माह का वेतन दिया जा रहा है। रीड के साथ अनुबंध को सिरे चढ़ाने के लिए मंत्रालय एक तयशुदा राशि उन्हें देने को तैयार हो सकता है। बाकी अतिरिक्त खर्च हॉकी इंडिया को उठाने को कहा जा सकता है।

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