टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों के कोरोना वायरस महामारी के कारण एक साल के लिए स्थगित होने के बाद सरदार का मानना है कि इससे भारतीय टीम को अपने कमजोर पक्षों पर काम करने और नई प्रतिभा को खोजने का मौका मिलेगा।
सरदार ने कहा, ‘उनके पास उपलब्ध नई प्रतिभा को निखारने का समय है। राजकुमार, दिलप्रीत, विवेक सागर, गुरसाहिब जैसे युवा खिलाड़ियों ने प्रतिभा दिखाई है और मुख्य कोच ग्राहम रीड को प्रो लीग जैसे बड़े मैचों में उन्हें आजमाने का प्रयास करना अच्छा फैसला था।’
उन्होंने कहा, ‘ओलंपिक के स्थगित होने के बाद हमारे पास कमजोर पक्षों पर काम करने का समय है। मौकों को भुनाना एक कमजोर पक्ष बना हुआ है लेकिन मुझे लगता है कि हम दो या तीन साल पहले की तुलना में बेहतर फिनिशिंग कर रहे हैं।’
सरदार ने भारतीय खिलाड़ियों को सलाह दी कि मौजूदा वैश्विक स्वास्थ्य संकट को देखे हुए भारतीय टीम को अपना ध्यान नहीं भटकाना चाहिए।
हरियाणा के सिरसा के इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘मैं समझ सकता हूं कि भारत में सभी खिलाड़ियों के लिए यह मुश्किल समय है क्योंकि कोरोना वायरस ने ओलंपिक तैयारी के लिए कई चुनौतियां पेश की है लेकिन भारतीय हॉकी के कोर संभावित पुरुष और महिला खिलाड़ियों को मेरी सलाह है कि वे अपने लक्ष्य को लेकर एकाग्र रहें।’
सरदार ने अपने 12 साल के करियर में सबसे यादगार लम्हा 2014 एशियाई खेलों में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक जीतकर रियो ओलंपिक 2016 के लिए क्वालीफाई करने को बताया।
उन्होंने कहा, ‘एक दशक से अधिक के मेरे करियर में कुछ यादगार मैच रहे। 2014 एशियाई खेलों में टीम की अगुआई करते हुए 16 साल में पहला स्वर्ण पदक जीतना हमेशा इस सूची में शीर्ष पर रहेगा क्योंकि यह ऐतिहासिक था और पाकिस्तान को फाइनल में हराना हमेशा सोने पर सुहागा होता है।’