अगले महीने इंग्लैंड में होने वाले चैंपिंयस ट्रॉफी के लिए भारत ने अपना कप्तान बदल दिया है, लेकिन उपकप्तान को बरकरार रखा है। दुनिया के सबसे मुस्तैद गोलकीपर और भारत के किले के मजबूत प्रहरी पीआर श्रीजेश लंदन में अगले महीने होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट भारत की 18 सदस्यीय टीम की कप्तानी करेंगे।
विंगर एसवी सुनील ने अपनी उपकप्तानी बरकरार रखी है। सरदार सिंह के बिना लंबे अरसे बाद भारतीय टीम किसी बड़े हॉकी टूर्नामेंट में खेलने उतरेगी। रियो ओलंपिक के लिए भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ संयोजन तलाशने में जुटे टीम के डच हॉकी उस्ताद रोलैंट ओल्टमैंस ने रोटेशन की नीति के तहत कप्तान सरदार सिंह के साथ अजलान शाह कप में खेलने वाले बैक रूपिंदर पाल सिंह और जसजीत सिंह और फॉरवर्ड रमणदीप सिंह जैसे धुरंधरों को चैंपियंस ट्रॉफी के लिए आराम दिय है।
सरदार सिंह ने कहा, "मैं लंबे समय से लगातार हर टूर्नामेंट में खेल रहा था। मुझे आराम मिला ही नहीं। हॉकी इंडिया और चीफ कोच का रोटेशन के साथ खिलाड़ियों को खिलाने और कई अहम खिलाड़ियों को आराम देने का फैसला सही है।"
भारत की अग्रिम पंक्ति में नौजवान लेकिन खासे अनुभवी आकाशदीप सिंह के साथ लिंकमैन के रूप में देविंदर सुनील वाल्मीकि की भी वापसी हुई। अजलान शाह कप में रजत पदक जीतन वाली भारतीय टीम के गोलकीपर के रूप में हरजोत सिंह और आकाश चिकते की नाकामी के बाद चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के लिए देश के नंबर एक गोलरक्षक श्रीजेश के बाद दूसरे गोलकीपर के लिए विकास दहिया ही सबसे बेहतर विकल्प हैं।
सरदार सिंह को आराम देने के आक्रामक सेंटर हाफ के रूप में जूनियर टीम के कप्तान हरजीत सिंह और मनप्रीत सिंह ही निभाएंगे। भारत अब तक चैंपियंस ट्रॉफी में मात्र एक बार कांसा जीत पाया है। भारत के लिए चैंपियंस ट्रॉफी पदक से ज्यादा ओलंपिक से पहले अपने सभी तीरों को आजमाने का मंच है।
चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में भारत, मौजूदा चैंपियन जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया जैसी दुनिया की टॉप टीमें शिरकत करेंगे। राउंड रॉबिन लीग आधार पर खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट शीर्ष दो टीमों फाइनल में खेलेंगी।
टीम इंडिया- गोलकीपर: पीआर श्रीजेश (कप्तान) व विकास दहिया। रक्षापंक्तिः प्रदीप मोर, वी आर रघुनाथ, कोथाजीत सिंह, सुरेंद्र कुमार, हरमनप्रीत सिंह। मध्यपंक्ति: दानिश मुत्जबा, चिंगलेनसाना सिंह कांगुजम, मनप्रीत सिंह, एस. के उथप्पा, देविंदर वाल्मीकि और हरजीत सिंह। अग्रिम पंक्ति: तलविंदर सिंह, मंदीप सिंह, एसवी सुनील (उपकप्तान), आकाशदीप सिंह और निकिन थिमैया।