कंधे की चोट के बाद फिट होकर वापसी करने वाली अनुभवी स्ट्राइकर रानी रामपाल की अगुवाई में भारतीय महिला हॉकी टीम मेजबान दक्षिण कोरिया के खिलाफ तीन मैचों की हॉकी सीरीज खेलने के लिए शनिवार को दक्षिण कोरिया रवाना हो गई।
भारत के लिए 20 मई से शुरू हो रही यह सीरीज हिरोशिमा में 15 से 23 जून से एफआईएच महिला सीरीज फाइनल्स के लिए खुद को बढिय़ा ढंग से तैयार करने के लिए खासी अहम होगी।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने इस साल के शुरू में जनवरी-फरवरी में मेजबान स्पेन और आयरलैंड के खिलाफ छह में से दो मैच जीते, चार ड्रा़ खेले और मात्र एक मैच हारा।
भारत ने इसके बाद मलयेशिया के दौरे पर अप्रैल में उसके खिलाफ पांच में चार मैच जीते और एक ड्रॉ खेले। इनमें रानी और गुरजीत कौर दोनों ही चोट के कारण नहीं खेली थी।
रानी रामपाल ने कहा, "मैंने और ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर दोनों चोट के बाद फिट होकर टीम में वापसी की है। हम दोनों के लिए दक्षिण कोरिया के खिलाफ यह सीरीज खासी अहम रहेगी। इस सीरीज में दक्षिण कोरिया के कड़े मैच में हमें हिरोशिमा में एफआईएच सीरीज से पहले सही लय पाने में मददगार साबित होगी। डी के भीतर अपनी निशानेबाजी को बेहतर करने के लिए बेंगलुरू में राष्ट्रीय शिविर में हमने कई नए प्रयोग किए हैं। इन प्रयोगों को दक्षिण कोरिया के खिलाफ सीरीज में आजमा कर हम यह कोशिश कर यह जानने की कोशिश करेंगे कि हम मजबूत टीमों के खिलाफ बड़े टूर्नामेंट में इन्हें अमली जामा किस तरह पहना सकते हैं।"
उन्होंने कहा, "हमारी टीम ने पिछले टूर्नामेंट में जिस तरह अच्छा प्रदर्शन किया है उससे हमें दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ भी विश्वास से खेलने का भरोसा है। दक्षिण कोरिया की टीम हाल ही में जैसा खेल रही है उससे यह सीरीज खासी संघर्षपूर्ण रहने की उम्मीद है। दक्षिण कोरिया के खिलाफ इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन हमारे लिए एफआईएच सीरीज फाइनल्स की अच्छी तैयारियों के लिए खासा अहम है।