आईपीएल की तर्ज पर देश में पहली बार हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) का आयोजन अगले साल एक से 30 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। इसकी रूपरेखा आईपीएल की ही तरह होगा जिसमें देश के शहर आधारित छह फ्रेंचाइजी की ओर से दुनिया के दिग्ग्ज खिलाड़ी खेलते हुए नजर आएंगे। विवादित वर्ल्ड सीरीज हॉकी के विपरीत अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) ने इसे स्वीकृति दे दी। खिलाड़ियों की नीलामी इस साल सितंबर में आयोजित की जाएंगी।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरिंदर बत्रा ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘एफआईएच ने अगले साल के लिए इसकी स्वीकृति दे दी है क्योंकि उस दौरान कोई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता नहीं होगी। ऐसा इसलिए भी किया गया है कि जेमी ड्वायर और टेन डि नूइजर जैसे स्टार खिलाड़ी उस दौरान अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से मुक्त रहेंगे। यह टूर्नामेंट छह शहरों के बीच होगा जिसमें फ्रेंचाइजी बोली लगाकर या फिर आमंत्रण के जरिए टीम खरीदेंगी।’
बत्रा ने साथ ही कहा कि उन्होंने इस दिशा में हॉकी इंडिया के साथ करार करने वाले खिलाड़ियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बकौल बत्रा, ‘हमारे पास 96 शीर्ष भारतीय खिलाड़ी (48 सीनियर और 48 जूनियर भारतीय संभावित खिलाड़ी) हैं जो निश्चित रूप से नीलामी का हिस्सा होंगे। इसके अतिरिक्त हमारे पास 60 विदेशी खिलाड़ी (10 प्रत्येक फ्रेंचाइजियों के लिए) होंगे। पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भी खेलने की अनुमति मिलेगी लेकिन इसके लिए उन्होंने सरकार से अनुमति लेनी होगी।’ इस लीग को विरोधी भारतीय हॉकी महासंघ की पिछले साल शुरू हुई वर्ल्ड हॉकी सीरीज का जवाब माना जा रहा है जिसे एफआईएच से मान्यता नहीं हैं।
लीग की शर्तें
- हर टीम में छह भारतीय और छह विदेशी खिलाड़ी होना जरूरी
- 20 मिनट के लिए दो अंडर-19 खिलाड़ियों को खिलाना जरूरी
- प्लेइंग इलेवन में पांच विदेशी खिलाड़ी ही होंगे
- खिलाड़ियों को बेस प्राइस चुनने का अधिकार होगा।
- आधार मूल्य को चार वर्ग में बांटा गया है।
- तीन करोड़ रुपये तक खर्च करने की इजाजत होगी।
- हर टीम अधिकतम 24 खिलाड़ी ही खरीद सकेगी।