भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता ने कहा है कि उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अभी बाकी है और उनकी टीम टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचकर रियो ओलंपिक की नाकामी को भुलाना चाहती है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने 36 साल बाद रियो ओलंपिक 2016 के लिये क्वालीफाई किया था, लेकिन ग्रुप चरण से ही बाहर हो गई।
सविता ने हॉकी इंडिया की एक विज्ञप्ति में कहा, 'मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अभी बाकी है। मैं टोक्यो ओलंपिक में अपनी टीम के लिये सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हूं ताकि हम रियो ओलंपिक की नाकामी को भुला सकें।’
उन्होंने कहा, ‘उस समय हम बिल्कुल नये थे और हमने गलतियां की, लेकिन टोक्यो में 2021 में हमारे पास इतिहास रचने का मौका है।’ भारतीय टीम एफआईएच विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर है। पिछले 12 साल से भारतीय टीम का अभिन्न अंग रही सविता ने कहा कि करियर की शुरूआत में उसमें इतना आत्मविश्वास नहीं था, उन्होंने कहा, ‘शुरूआत में दूसरों की तुलना में मेरा आत्मविश्वास और खेल को लेकर जुनून कम था।
समय के साथ खेल से मेरा प्यार बढता चला गया और मेरा मानना है कि अभी मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बाकी है।’ भारतीय हॉकी टीमें लॉकडाउन के दौरान यहां भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र पर थी। सविता ने कहा कि इस दौरान उन्होंने दूसरी टीमों के खेल का विश्लेषण किया, उन्होंने कहा कि इस ब्रेक ने उन्हें संयम सिखाया और जिंदगी में छोटे छोटे पलों में खुशी ढूंढने की अहमियत समझाई।