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कल से शुरू होने जा रहा हॉकी विश्व कप, भारतीय टीम के कोच हरेंद्र सिंह ने भरी हुंकार

Tue, 27 Nov 2018 09:08 AM IST
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत के चीफ कोच हरेन्द्र सिंह एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में टीम की हार को अब बीती बात बताते हैं। बुधवार से भुवनेश्वर में शुरू हो रहे पुरुष हॉकी विश्व कप से पहले हरेन्द्र सिंह ने 'अमर उजाला' से खास बातचीत की।
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हरेन्द्र सिंह ने कहा, ‘हमारी टीम पूरी लय में है। हमारी ट्रेनिंग खासी बढ़िया रही। हमने जो कुछ प्रैक्टिस में किया उसे हमें विश्व कप में दिखाने का वक्त है। हमारी टीम ने प्रैक्टिस मैचों में गोल करने की कला भी खूब दिखाई। हमारी खासे नौजवान खिलाड़ियों से सज्जित टीम को अपने घर में कामयाब होने के लिए मौकों को भुनाना होगा। हमारी टीम जूनियर विश्व कप जीतने वाली टीम के सभी नौजवान खिलाड़ियों पर कोई दबाव नहीं होगा क्योंकि वे पहले ही दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में खेल चुके हैं। अब हमारे लड़के दबाव को झेलने को पहले से बेहतर ढंग से तैयार हैं। हमें प्रैक्टिस मैचों से टीम के आकलन का मौका मिला है।’

उन्होंने कहा, ‘इस विश्व कप में यह शिरकत करने वाली सभी 16 टीमों में कोई भी कम नहीं और सभी खिताब की प्रबल दावेदार हैं। इसमें शिरकत करने आने वाली सभी टीमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने में कसर नहीं छोड़ेंगी। जहां तक बात एशियाई खेलों में आखिरी 90 सेकंड में गलती करने की बात है तो यह अब अतीत है। यूं कोई भी गलती अनुभव देती है। गलती ही आपको सही करने की राह दिखाती है। दोनों प्रैक्टिस मैचों और ट्रेनिंग में हमें अपनी गलतियों को दूर करने और खुद के आकलन का मौका मिला। मुझे लगता है कि  इस विश्व कप में हमारा एक मैच जरूर शूटआउट में जाएगा और हम इस बार इसके लिए तैयार है। मुझे अपने गोलरक्षक पीआर श्रीजेश पर इतना भरोसा है कि  शूटआउट की स्थिति आई तो इसमें प्रतिद्वंद्वी टीम के कम से कम तीन प्रयासों को रोक कर नाकाम कर ही देंगे। साथ ही शूटआउट में हम ज्यादा से ज्यादा प्रयासों को गोल में बदलने में कामयाब रहेंगे। हमारी टीम बड़े टूर्नामेंट में मौकों को भुनाने के लिए तैयार है। हमने एशियाई खेलों की अपनी गलतियों से सबक लेकर उन्हें बहुत हद तक सुधारा है।’ वह कहते हैं,‘हमारी टीम ने यहां कलिंगा स्टेडियम की नई टर्फ पर काफी प्रैक्टिस की है। हमें इससे इस स्टेडियम की नई टर्फ के उछाल को समझने का बहुत लाभ मिलेगा। रही नई टर्फ के असमान उछाल की बात तो जहां भी नई टर्फ बिछती है हर टीम को इसी तरह की स्थिति से रूबरू होना पड़ता है।’
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