रानी रामपाल की अगुआई वाली भारतीय महिला हॉकी टीम का दक्षिण कोरिया के खिलाफ क्लीन स्वीप का सपना पूरा नहीं हो सका।
भारतीय टीम को तीसरे व अंतिम मुकाबले में मेजबान टीम के हाथों एकतरफा मुकाबले में 0-4 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। हालांकि भारत सीरीज 2-1 से जीतने में सफल रहा।
भारत ने पहले दोनों मुकाबले जीते थे।
मेजबानों ने सर्कल में काफी सफल हमले किए जिससे शुरू से ही भारतीय डिफेंस दबाव में आ गया। कोरिया ने पांच पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए और एक को 29वें मिनट में गोल में भी तब्दील किया। जांग हीसन ने यह गोल कर टीम का खाता खोला। किम ह्युंजी और कांग जिना ने 41वें मिनट में लगातार गोल कर डाले।
तीन गोल गंवाने के बाद भारतीय महिलाओं का मनोबल गिर गया था। ली युरी ने 53वें मिनट में चौथा गोल दागा।
भारतीय कोच सोएर्ड मराइन ने कहा,‘सीखने की प्रक्रिया हमेशा उतार-चढ़ाव भरी रहती है। आज ऐसा अनुभव था जहां हमें शुरू से ही झटके लगे, जिससे हम उबर नहीं सके। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम इस अनुभव से सीख हासिल नहीं करेंगे।’