पहली बार भारत की सीनियर हॉकी टीम की कप्तानी करने जा रहे 23 वर्ष के ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत ने कहा है कि हम जापान में टूर्नामेंट जीतने के संकल्प के साथ जाएंगे। हम ओलंपिक टेस्ट इवेंट में हर मैच में जीत के लिए उतरेंगे।
नियमित कप्तान मनप्रीत सिंह की अनुपस्थिति में हरमनप्रीत 17 अगस्त से शुरू होने वाली इस टेस्ट स्पर्धा में टीम की कमान संभालेंगे। इसमें भारत के अलावा मलयेशिया, न्यूजीलैंड और मेजबान जापान की टीमें शिरकत करेंगी। उन्होंने कहा कि मैं नई चुनौती के लिए तैयार हूं। जब मुझे बताया गया कि मैं टीम की कप्तानी करूंगा तो यह मेरे लिए हैरानी भर था। यह एक बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान की बात है। मैं रोमांचित हूं और इस चुनौती को निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं।
हरमनप्रीत 2016 में रियो ओलंपिक में शिरकत करने वाली टीम के सबसे नौजवान खिलाड़ी थे। उन्होंने खेलों के महाकुंभ से पहले लंदन में एफआईएच चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने के दम पर टीम में जगह बनाई थी। उन्हें टूर्नामेंट का उदीयमान खिलाड़ी चुना गया था।
हरमनप्रीत कहते हैं कि जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो मैं खुद को भाग्यशाली समझता हूं। मैं ऐसे समय में भारतीय टीम में आया जब इसमें दिग्गज खिलाड़ी मौजूद थे, जिनसे काफी कुछ सीख सकता था। सरदार सिंह और वीआर रघुनाथ जैसे खिलाड़ियों का मेरे ऊपर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। उनके मार्गदर्शन से मुझे अंतरराष्ट्रीय हॉकी के दबाव से उबरने में मदद मिली।