हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने मंगलवार को कहा कि भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमें जापान के आइची-नागोया में होने वाले आगामी एशियाई खेलों में नीली जर्सी पहनकर खेलेंगी। टिर्की ने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने टीम किट के रंगों को लेकर विकल्प दिए थे जिसके बाद हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम की जर्सी के लिए नीले रंग को पहली पसंद बनाया।
टिर्की ने एशियाई खेलों में हिस्सा लेने जा रहे खिलाड़ियों के लिए आयोजित विदाई समारोह के इतर कहा, आईओए ने हमें टीम किट के लिए रंगों के विकल्प दिए थे। हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम की जर्सी के लिए पहला रंग नीला और दूसरा रंग ऑरेंज चुना है। मैने विश्व कप से पहले भी कहा था कि टीम जर्सी का नारंगी रंग स्थायी नहीं है। इसे भविष्य में बदला भी जा सकता है। अब एशियाई खेलों में नीला रंग वापस आ गया है। टीम नीली जर्सी में खेलेगी।
विश्व कप में जर्सी को लेकर हुआ था विवाद
हाल ही में नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए विश्व कप से ठीक पहले भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग पारंपरिक नीले से बदलकर ऑरेंज किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। उस समय टिर्की ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनकी या कार्यकारी बोर्ड की जानकारी के बिना जर्सी का रंग बदलने का फैसला लिया गया था। विवाद और बढ़ गया था जब टिर्की ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनकी या कार्यकारी बोर्ड की जानकारी के बिना जर्सी का रंग बदलने का फैसला लिया गया था। जर्सी का रंग बदलने के पीछे तर्क दिया गया था कि नीली टर्फ पर नीले रंग की जर्सी में खेलने से दिक्कत आती है। उस समय भी पूर्व कप्तान वीरेन रासकिन्हा, परगट सिंह, धनराज पिल्लै, अजित पाल सिंह समेत कई दिग्गजों ने इस फैसले पर सवाल उठाए थे।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आठवें स्थान पर रही, जबकि महिला टीम ने पांचवां स्थान हासिल किया जो 1974 के बाद उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।