अनुभवी स्ट्राइकर रानी रामपाल की कप्तानी में भारत की गोल्ड कोस्ट (ऑस्ट्रेलिया) में गजब के जीवट के बावजूद पदक जीतने में नाकाम रही टीम की सभी 18 खिलाडिय़ों को बेंगलुरू में सीनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी शिविर के लिए चुनी गई 61 खिलाडिय़ों में शामिल किया गया।
इन सभी खिलाडिय़ों को रविवार से शुरू हो रहे इस शिविर के लिए भारतीय महिला टीम के शिविर के लिए चीफ राष्ट्रीय कोच हरेन्द्र सिंह को रिपोर्ट करने को कहा गया है। शिविर के लिए इन महिला हॉकी खिलाडिय़ों की घोषणा हॉकी इंडिया ने शनिवार को की। खिलाडिय़ों को शिविर के लिए चुनते वक्त उनके सीनियर राष्ट्रीय महिला चैंपियनशिप के प्रदर्शन को भी जेहन में रखा गया है।
भारत की महिला राष्ट्रीय हॉकी टीम के चीफ कोच हरेन्द्र सिंह ने शनिवार को कहा, % मैं टीम के राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने में नाकाम रहने पर वाकई निराश हूं। इंग्लैंड से कांसे के लिए मुकाबले में हारने के बावजूद हमारे लिए इन खेलों में कुछ सकारात्मक जरूर रहा।हम राष्ट्रमंडल खेलों में अपने प्रदर्शन से सबक लेकर भविष्य के टूर्नामेंटों के लिए विस्तृत योजना बनाएंगे।
हम आपस में मिल बैठकर यह पक्का करना चाहेंगे कि इन खेलों में की गईं गलतियों को लंदन में आगामी महिला हॉकी विश्व कप और एशियाई खेलों में न दोहराएं। हम अपनी ताकत को जेहन में रखकर आगामी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में बेहतर प्रदर्शन करने को बेताब हैं।’
सीनियर महिला राष्ट्रीय शिविर के लिए चुनी गईं 61 खिलाडिय़ों में से 2 मई को छंटनी के बाद शिविर में 48 खिलाड़ी ही रह जाएंगीं। चीफ कोच हरेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में भारत की सीनियर महिला राष्ट्रीय हॉकी टीम इंग्लैंड से हार कर चौथे स्थान पर रही थी। भारत की महिला टीम ऑस्ट्रेलिया से 0-1से हार कर राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में स्थान पाने से चूक गई थी।