अनुभवी ड्रैग फ्लिकर और फुलबैक 29 बरस के रूपिंदर पाल सिंह 2018 में जकार्ता एशियाई खेलों के बाद घुटने के बाद ऑपरेशन और भुवनेश्वर में हॉकी विश्व कप से पहले पीठ में चोट के चलते भारतीय टीम से बाहर रहे। फिर इस साल मई में ग्राहम रीड के भारत के चीफ कोच की पद की जिम्मेदारी संभालते ही वह ऑस्ट्रेलिया के दौरे के लिए भारतीय टीम में लौटे जरूर, लेकिन तब वह पूरी रंगत नहीं दिखा पाने के चलते टीम से बाहर हो गए। रूपिंदर अब पूरी तरह फिट होकर चीफ कोच ग्राहम रीड का विश्वास जीतने में सफल होकर भारतीय टीम में वापसी करने में कामयाब रहे।
बेल्जियम दौरे के लिए भारतीय हॉकी टीम में वापसी करने पर रूपिंदर पाल सिंह ने 'अमर उजाला' से बातचीत में कहा, कि मैं जकार्ता एशियाई खेलों के बाद घुटने में मामूली फ्रेक्चर और पीठ की दिक्कत के चलते भुवनेश्वर विश्व कप के लिए भारतीय टीम से बाहर रहा। इस साल मई में ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम में वापसी करने पर मैं ठीक -ठाक खेला। तब कोच शायद यह चाहते थे कि, मैं अपनी फिटनेस और बेहतर करूं। तब मैं इसीलिए भुवनेश्वर में एफआईएच सीरीज फाइनल्स के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाया। मैंने बेंगलुरू में शिविर में पूरी मेहनत की और खुद को एकदम फिट साबित कर बेल्जियम दौरे के लिए भारतीय टीम में वापसी की।
खासतौर पर बेल्जियम जैसी दुनिया की शीर्ष टीम के खिलाफ बढिय़ा प्रदर्शन से आत्मविश्वास बढ़ेगा है। मैं और दुनिया की पांचवीं नंबर की हमारी भारतीय टीम बेल्जियम दौरे की चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है। बेल्जियम दौरे पर हमें बढिय़ा प्रदर्शन कर पूरा विश्वास है।
बेल्जियम दौरे पर विश्व कप चैंपियन दुनिया की दूसरे नंबर की टीम बेल्जियम और आठवीं वरीयता स्पेन जैसे दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने का मजा आएगा। बेल्जियम दौरे पर हमारी टीम मेजबान बेल्जियम और स्पेन के खिलाफ बढिया प्रदर्शन करती है, तो इससे भुवनेश्वर में 1 और 2 नवंबर को रूस के खिलाफ ओलंपिक क्वॅलिफायर्स के लिए विश्वास बढ़ेगा। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी टीम रूस के खिलाफ ओलंपिक क्वॉलिफायर्स के दोनों मैच जीत कर टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करेगी।’