भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपर रहे आकाश चिकते को बड़ी राहत मिल गई है। नाडा के अपील पैनल ने उनका प्रतिबंध दो साल से घटाकर 13 महीने का कर दिया है। 13 माह का प्रतिबंध भी उन पर अस्थाई प्रतिबंध 27 मार्च 2018 से लागू होगा। इसका मतलब यह हुआ कि इस माह की 28 तारीख से आकाश खेलने के लिए स्वतंत्र होंगे।
आकाश के वकील पार्थ गोस्वामी ने विभा मखीजा के अपील पैनल के समक्ष दलील दी कि जब डिसिपलिनरी पैनल ने जानबूझकर नहीं की गई डोपिंग का लाभ आकाश को दिया है तो उन पर दो साल का प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए। इस प्रतिबंध को कम किया जाना चाहिए।
अपील पैनल के समक्ष बताया गया कि घुटने में गेंद लगने के चलते जब डॉक्टर ने आकाश को इंजेक्शन दिया उस दौरान उनके पिता को ब्रेन हेमरेज हो गया। पिता के इलाज में व्यस्त होने के चलते आकाश थेराप्यूटिक यूज एक्जंप्शन (टीयूई) नहीं ले सकते, जिससे उन्हें डोपिंग में फंसने पर राहत मिल सकती थी।
अपील ने इन सारे तथ्यों को खंगाला जो सच साबित हुई। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अपील पैनल डिसिपलिनरी पैनल की ओर से लगाए गए दो साल के प्रतिबंध को घटाकर 13 माह का कर दिया।