भारत के कोच ग्राहम रीड ने कहा, 'बेल्जियम के कामयाब दौरे के बाद रूस के खिलाफ भुवनेश्वर में ओलंपिक क्वॉलिफायर्स के लिए सर्वश्रेष्ठ 18 खिलाड़ियों को चुनना वाकई मेरे लिए मुश्किल फैसला था। हमने सभी विकल्पों को जेहन में रखते हुए बहुत संतुलित टीम चुनी है। अब हमें रूस के खिलाफ अपनी रणनीति पर फोकस रखने की जरूरत है। हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है जब हम रूस के खिलाफ ओलंपिक क्वॉलिफायर्स में खेलने उतरे तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। हमारे लिए ओलंपिक क्वॉलिफायर्स से पहले बेल्जियम दौरे पर दुनिया की दूसरे नंबर की टीम विश्व चैंपियन बेल्जियम से तीनों और आठवें नंबर की टीम स्पेन से दोनों मैचों सहित सभी पांचों मैच जीतना खासा संतोषजनक रहा।
बेल्जियम दौरे में अपनी शुरुआती बढ़िया लय आखिरी तक कायम रखी। मैं बस यह चाहता हूं कि हमारे खिलाड़ी रूस के खिलाफ भुवनेश्वर में ओलंपिक क्वॉलिफायर्स में खेलने उतरे तो इसी बढ़िया लय को बरकरार रखें। काफी समय से चोट से बाहर रहने के बाद वापसी करने वाले हमारे सीनियर खिलाड़ियों का निरंतर बढ़िया प्रदर्शन करना वाकई अच्छा अनुभव है। इससे मुझे इन खिलाड़ियों को करीब से देखने का मौका मिला।’
उन्होंने कहा, 'बेल्जियम दौरे के बाद हमने वहां जो कुछ अच्छा किया उस पर विचार करने के साथ इस बात पर भी मंथन किया कि हमें शिविर में कहां क्या सुधार की जरूरत है। हमारे लिए सबसे अहम है गेंद को कब्जे में लेने के लिए दबाव बनाना और अपने बनाए स्ट्रक्चर के मुताबिक खेलना। हमने बेल्जियम दौरे पर ऐसा ही किया। ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करने के लिए हमारी टीम के लिए जरूरी है सही दिशा में काम करना।
रूस के खिलाड़ी गेंद को अपने कब्जे में करने पर फोकस ज्यादा करते हैं। रूस के खिलाड़ियों की पहुंच से गेंद को दूर रखना हमेशा मुश्किल होता है और हमें इसी पर ध्यान देने की जरूरत है। हमें बढ़िया टैकलिंग के साथ रूस के खिलाफ दबाव भी बनाए रखना होगा। हमें अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा और रूस के खिलाफ किसी तरह की ढील की गुंजाइश नहीं है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम किसके खिलाफ खेल रहे हैं। हम रूस को पूरा सम्मान देते हुए उसके खिलाफ पूरे पेशेवर अंदाज में खेलेंगे।’